कांग्रेस और भाजपा को नए साल में अगर मेयर बनाना है तो उन्हें बहुमत के लिए 18 पार्षद चाहिए। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही बिना मनोनीत के दम पर मेयर बनाना चाहती हैं, लेकिन पिछले 15 साल के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है।
जबकि इस बार भाजपा की सिफारिश पर मनोनीत पार्षद बनने तय हैं। नगर निगम में 26 निर्वाचित और 9 मनोनीत पार्षद होते हैं, जबकि सांसद की एक वोट होती है।
भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का कहना है कि चुनाव प्रचार में पार्टी उम्मीदवारों को काफी अच्छा रिस्पांस मिला है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा-अकाली गठबंधन 20 सीट जीतेगा।