चंडीगढ़। सुखना लेक से पुरानी और बड़ी मछलियों को निकालने की प्रक्रिया जारी है। अब तक कुल करीब 115 क्विंटल मछलियां लेक से निकाली जा चुकी हैं। तीसरे दिन लेक से 15 क्विंटल मछलियां निकाली गईं। इनमें सबसे ज्यादा मृगल मछलियां रहीं। विभाग के अनुसार 22 मार्च तक ये अभियान जारी रहेगा।यूटी प्रशासन के पशुपालन व मत्स्य विभाग की तरफ से पारिस्थितिकी संतुलन (इकोलॉजिकल बैलेंस) के लिए लेक से मछलियों को निकालने का काम चल रहा है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हर साल लेक से बड़ी मछलियां निकाली जाती हैं। इसके चलते विभाग ने रात आठ बजे सुखना झील पर जाल लगाया, जिसे सुबह छह बजे हटा दिया गया। 10 दिन तक इस अभियान को चलाने का फैसला लिया गया है। पहले दिन छह प्रकार की करीब 65 क्विंटल मछलियां निकाली गई थीं, जबकि दूसरे दिन 35 क्विंटल मछलियां निकाली गई थीं। विभाग ने मछलियों के नमूनों को जांच के लिए जीव विज्ञान विभाग भेजा है। उन्होंने बताया कि लेक से जो मछलियां निकल रही हैं, उनमें मृगल, कतला, गोल्ड कार्प और कॉमन कार्प मछली आदि हैं।