चंडीगढ़। शहर के कई इलाकों में सर्वे कराने के बाद चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) 11 सितंबर को मलोया और मौलीजागरां के स्मॉल फ्लैट्स का सर्वे कराने जा रहा है। इसके लिए 28 टीमों का गठन किया गया है।
हाउसिंग बोर्ड ने मलोया में 4960 और मौलीजागरां में 1568 स्मॉल फ्लैट्स आवंटित किए हैं। बोर्ड के पास शिकायत आई है कि इनमें से कई बिक चुके हैं जबकि ये खरीदे-बेचे नहीं जा सकते। यह जांचने के लिए कि कितने फ्लैट्स बिक चुके हैं और वर्तमान में उनमें कौन रह रहा है, बोर्ड की तरफ से यह सर्वे कराया जाएगा।
सर्वे टीमें एक-एक घर जाएंगी और उसमें रहने वाले लोगों की जानकारी लेंगी। सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग ने बताया कि रविवार को मलोया और मौलीजागरां के स्मॉल फ्लैट्स का सर्वे किया जाएगा। टीम के साथ पुलिस कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे। सर्वे के बाद ही टीमें उन्हें रिपोर्ट सौंपेगी, जिन केसों में मकान आगे बेच दिए गए होंगे, उनमें विभाग की तरफ से नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड की तरफ से रविवार को यह सर्वे कराया जा रहा है ताकि छुट्टी की वजह से लोग घर पर मौजूद हों। बता दें कि अब तक धनास, रामदरबार, सेक्टर-38 वेस्ट, 56 और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में सर्वे हो चुका है।
आदेश में कर्मियों के लिए लिखा- सर्वे के दिन मोबाइल नहीं होना चाहिए बंद
सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग ने अपने आदेश में ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए लिखा है कि सर्वे के दिन उनके मोबाइल बंद नहीं होने चाहिए। सीईओ गर्ग ने कहा कि देखा गया है कि कुल मामलों में कोई कर्मी सर्वे के लिए नहीं पहुंचा। मोबाइल फोन बंद होने की वजह से उनसे संपर्क भी नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि 10 अफसरों को भी रिजर्व रखा गया है।
लोगों को दिखाना होगा आवंटन पत्र
सीएचबी ने स्पष्ट किया है कि सर्वे के समय जो भी व्यक्ति मकान में रह रहा होगा, उसे मकान का आवंटन पत्र और अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। अगर घर में आवंटी मौजूद नहीं होगा, तो परिवार का अन्य कोई सदस्य भी दस्तावेजों को दिखा सकता है। हालांकि उसे आवंटी के साथ अपने रिश्ते के सबूत को दिखाना होगा।