चंडीगढ़। पीयू में वाइस चांसलर प्रो. रेनू विग ने पीयू स्किल 2 मार्किट हब की शुरुआत की। यह पहल विद्यार्थियों के हुनर को सीधे बाजार से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पीयू स्टूडेंट सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में रौनक देखते ही बनती थी। पंजाब के विभिन्न संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों ने 29 स्टॉल लगाए, जहां उनके बनाए उत्पाद हैंडमेड आइटम, डिजाइन, क्राफ्ट और अन्य नवाचारी प्रोडक्ट्स प्रदर्शित किए गए। मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. रेनू विग ने कहा कि आज के दौर में सिर्फ डिग्री काफी नहीं है, बल्कि स्किल और उद्यमिता भी उतनी ही जरूरी है। यह पहल नई शिक्षा नीति की सोच के अनुरूप है, जो विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने सुझाव दिया कि विद्यार्थियों के बनाए उत्पादों को यूनिवर्सिटी के कार्यक्रमों में स्मृति-चिन्ह के रूप में इस्तेमाल किया जाए। साथ ही फुलकारी और कढ़ाई जैसे पारंपरिक उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लाकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है।
डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. रवि इंदर सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों के प्रोडक्ट्स को बाजार तक पहुंचाना और उन्हें उद्यमिता के अवसर प्रदान करना है। यह पहल स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों से भी जुड़ी है। यह योजना तीन स्तर कॉलेज, जिला और राज्य पर काम करेगी। रजिस्ट्रार प्रो. वाईपी वर्मा ने विद्यार्थियों को गुणवत्ता और बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने की सलाह दी, ताकि वे प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकें।
नई शिक्षा नीति पर सेमिनार आयोजित
कार्यक्रम के बाद नई शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन पर एक विस्तृत सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें 180 से अधिक कॉलेजों के प्रिंसिपल और कोऑर्डिनेटर शामिल हुए। विशेषज्ञों ने ऑनलाइन शिक्षा (स्वयंम), इंटर्नशिप और सामुदायिक कार्य जैसे विषयों पर चर्चा की। अंत में प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए।