चंडीगढ़। सेक्टर-52 और 56 की टीन कॉलोनी को हटाने के बाद खाली हुई जमीन पर क्या बनेगा, यूटी प्रशासन के अधिकारी छह महीने बीत जाने के बाद भी तय नहीं कर पाए हैं। दोनों सेक्टरों में करीब 28 एकड़ की जमीन खाली है। यहां पर ग्रीन बेल्ट, कन्वेंशन सेंटर, अस्पताल, मॉडल स्कूल और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने जैसे कई सुझाव प्रशासन को मिले हैं, लेकिन किसी पर भी काम शुरू नहीं हुआ है।
इन दोनों जगहों पर रहने वाले करीब 1703 परिवारों को मलोया में रहने के लिए घर दिया गया है। इसके बाद यहां की टीन कॉलोनी को तोड़ दिया गया और प्रशासन ने करीब 1200 करोड़ की जमीन अपने कब्जे में ले ली। प्रशासक के पूर्व सलाहकार मनोज परिदा ने उस इलाके के पार्षद से सुझाव मांगे और पूछा कि वहां क्या-क्या बनाया जा सकता है। इस पर स्थानीय पार्षद चंद्रावती शुक्ला की तरफ से लिखित में कई सुझाव दिए गए। इसके अलावा पार्षद और अधिकारियों के आमने-सामने हुई बैठक में भी इस खाली जमीन का मुद्दा उठा, लेकिन कोई फैसला नहीं हो पाया। प्रशासन के अधिकारियों ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को सलाह दी कि इस जमीन पर कन्वेंशन सेंटर, अस्पताल, कम्यूनिटी सेंटर, एक बड़ा मैरिज पैलेस या अन्य योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा सकता है, लेकिन अभी तक प्रशासक की ओर से किसी एक पर भी मंजूरी नहीं दी गई है। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब तक प्रशासक वीपी सिंह बदनौर इस जमीन पर बनाई जाने वाली योजना पर हरी झंडी नहीं दे देते, तब तक आगे नहीं बढ़ा जा सकता। अधिकारियों को भी डर है कि ज्यादा समय बीतने की वजह से कहीं फिर से वहां लोग कब्जा न जमा लें। इसके अलावा चंडीगढ़ प्रशासन आने वाले कुछ महीनों में कॉलोनी नंबर-4 की जमीन को भी खाली कराने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद प्रशासन के पास किसी नए परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए काफी जमीन उपलब्ध होगी।