अमृतपाल पर दर्ज हैं तीन मामले
अमृतपाल के खिलाफ तीन केस दर्ज हैं। इनमें से दो मामले अमृतसर जिले के अजनाला थाने में हैं। अपने एक करीबी लवप्रीत सिंह की गिरफ्तारी से नाराज होकर अमृतपाल ने 23 फरवरी को समर्थकों के साथ अजनाला थाने पर हमला कर दिया था। इस केस में उस पर कार्रवाई नहीं होने के चलते पंजाब पुलिस की काफी आलोचना हो रही थी। अमृतपाल सिंह पर आरोप था कि वह श्री गुरु ग्रंथ साहब की आड़ लेकर थाने पहुंचा था और भीड़ को हमले के लिए उकसाया। इस हमले में एसपी समेत छह पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। इसके अलावा उस पर भड़काऊ भाषण देने का केस भी दर्ज है।
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पुलिस ने रात को ही कर ली थी तैयारी, गिरफ्तारी के लिए देहाती इलाके को चुना
अमृतपाल सिंह ने शनिवार को जालंधर के शाहकोट-मलसियां इलाके और बठिंडा जिले के रामपुरा फूल में कार्यक्रम रखे थे। शाहकोट-मलसियां में उसके कार्यक्रम के लिए समर्थक सुबह से जुटने लगे थे। पुलिस ने शुक्रवार रात को ही सारी तैयार कर ली थी। अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार करने के लिए जालंधर के देहात इलाके के महितपुर को चुना, जहां से अमृतपाल सिंह का काफिला निकलना था। पूरे आपरेशन को अंजाम देने के लिए जालंधर देहात के एसएसपी स्वर्णदीप सिंह व मोगा के एसएसपी जे इलेनचेलियन को कमान सौंपी गई थी।
कौन है अमृतपाल
अमृतपाल सिंह अमृतसर के जल्लूपुर खेड़ा गांव का रहने वाला है। 12वीं पास अमृतपाल दुबई चला गया। वहां वह ट्राला चलाया करता था। बाद में ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय से जुड़ा था। इसी दौरान वह पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू के ''वारिस पंजाब दे'' संगठन के संपर्क में आया। सदीप सिद्धू ने 30 सितंबर, 2021 को इस संगठन की नींव रखी थी। किसान आंदोलन और उसके बाद 26 जनवरी 2021 को लाल किला हिंसा मामले में दीप सिद्धू का नाम आया। 15 फरवरी 2022 को दिल्ली से पंजाब लौटते वक्त सोनीपत के पास एक सड़क हादसे में दीप सिद्धू की मौत हो गई थी।
इस बीच अमृतपाल दुबई से लौटा और 29 सितंबर, 2022 को मोगा के गांच रोडे पहुंचा। यह गांव जरनैल सिंह भिंडरांवाले का पैतृक गांव है। अमृतपाल खुद को भिंडरांवाले का समर्थक बताते हुए 29 सितंबर को वारिस पंजाब दे संगठन का प्रमुख बन गया। यहां उसकी दस्तारबंदी की गई। इसके बाद उसने केंद्र सरकार, सेना, सरकार के सिस्टम को चुनौती देना शुरू किया। युवाओं को खालिस्तान बनाने के लिए बरगलाने लगा। उसने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ललकारते कहा कि इंदिरा गांधी ने भी सिखों को कुचलने की कोशिश की थी, सब जानते हैं कि उनका क्या अंजाम हुआ। अब अमित शाह भी अपना चाव पूरा कर देख लें।
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मोहाली में नंगी तलवारें लहराईं
अमृतपाल की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्य सड़कों पर उतर गए और गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन करने लगे। नंगी तलवारों डंडों के साथ उतरे कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्यों ने मोहाली एयरपोर्ट रोड पर जाम दिया।