हरियाणा की महिला कोच और मंत्री संदीप सिंह छेड़छाड़ मामले में चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी सच की तलाश में हरियाणा सचिवालय तक पहुंच गई है। एसआईटी ने हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और गृह मंत्री अनिल विज के कार्यालय पहुंच कर यह जांच की है कि महिला कोच ने मदद के लिए किसे फोन किया था और किसने फोन काल रिसीव किया था। दोनों कार्यालयों के स्टाफ ने यह जानकारी एसआईटी को दे दी है। एसआईटी की कार्रवाई के दौरान उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे।
सूत्रों के मुताबिक एफएसएल चंडीगढ़ ने जो रिपोर्ट एसआईटी को भेजी है। उसमें भी महिला द्वारा फोन काल किए जाने की बात कही गई है। इन्हीं तथ्यों की जांच के लिए एसआईटी यहां पहुंची थी। चंूकि हरियाणा पुलिस की फैक्ट फाईंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इस रिपोर्ट की भनक एसआईटी को लग गई है।
अब एसआईटी यह नहीं चाहती कि उनके द्वारा तैयार आरोप पत्र कोर्ट में हल्के साबित हो जाएं। फैक्ट फाईंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि महिला ने अधिकारियों और सरकार को फोन करने की बात कही है। इस तथ्य को फैक्ट फाईंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में गलत पाया है।
एसआईटी ने जो जांच की है उसमें भी यह तथ्य जांचा जा रहा है कि महिला कोच ने जो बयान दिए हैं वह सही हैं या नहीं। महिला कोच ने एसआईटी को यह बताया है कि उसने सरकार में डिप्टी सीएम और गृह मंत्री से संपर्क साधने की कोशिश की थी। सरकार में अन्य जगह भी दरवाजे खटखटाए थे, लेकिन निराशा हाथ लगी। उसके बाद वह मीडिया में गई और अपनी समस्या रखी।
मुझसे मिलने के लिए महिला कोच अंबाला आई थी और मैने जांच का आश्वासन दिया था।
-अनिल विज, गृह मंत्री हरियाणा
महिला कोच मुझसे मिलने आई थी। उसने ट्रेनिंग बंद करने की बात बताई थी तो मैंने संबंधित अधिकारी से कह कर टे्रनिंग शुरू करवा दी थी। एसआईटी यह जानने आई थी कि मेरे कार्यालय में महिला कोच ने किसको फोन किया था उन्हें यह जानकारी दे दी गई है।
-दुष्यंत चौटाला, उपमुख्यमंत्री हरियाणा