गैंगरेप के मुख्य आरोपियों पंकज फौजी और मनीष को पनाह देने के आरोप में एसआईटी द्वारा पकड़े गए दो आरोपियों को कनीना पीयूष शर्मा की अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। एसआईटी के सदस्य सहायक उप निरीक्षक रामचंद्र ने बताया कि अभिषेक शर्मा निवासी महेंद्रगढ़ और मंजीत नूहनिया जिला झुंझुनू राजस्थान को पकड़ा गया है। नाते में अभिषेक मनीष का बहनोई लगता है तथा मंजीत अभिषेक की मौसी का लड़का है।
रिश्तेदारों ने रुपये देकर की थी आरोपियों की मदद
पुलिस ने बताया कि दोनों व्यक्तियों ने गैंगरेप के आरोपी पंकज की आर्थिक रूप से मदद की और उनके रहने की व्यवस्था की थी। इसका खुलासा पंकज और मनीष ने पुलिस रिमांड के दौरान किया।
पुलिस टीम ने दोनों को बीती रात काबू किया था। मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या आठ हो गई है। पुलिस ने मंजीत के घर से बाइक और मोबाइल बरामद किए हैं। दोनों मोबाइल पंकज और मनीष के बताए जाते हैं। इन मोबाइलों को चेक किया गया, परंतु उनमें कोई सुराग नहीं मिला। दोनों ही मोबाइल पुलिस साइबर एक्सपर्ट के पास भेजेगी। - रामचंद्र, एएसआई, एसआईटी सदस्य।
कोसली थाना प्रभारी को भेजा पुलिस लाइन, सतेंद्र यादव को प्रभार
कोसली क्षेत्र के एक गांव निवासी छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल का तबादला करने और महिला थाना की निरीक्षक हिरामणी को सस्पेंड करने के बाद अब कोसली थाना प्रभारी सतेंद्र को भी पुलिस लाइन में भेज दिया गया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों द्वारा इसकी साफ वजह नहीं बताई गई है लेकिन महकमें में चर्चा है कि इसी प्रकरण में उनको लाइन भेजा गया है। सतेंद्र सिंह के स्थान पर पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षक सतेंद्र यादव कोसली थाना प्रभारी बनया गया है।