चंडीगढ़। यूटी सचिवालय में बुधवार को चेक गणराज्य के राजदूत व प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन के अधिकारियों की बैठक हुई। फैसला हुआ कि प्राग और चंडीगढ़ के बीच सिस्टर-सिटी समझौता किया जाएगा ताकि दोनों शहरों के बीच सांस्कृतिक और व्यावसायिक संबंधों को मजबूती मिले। यह समझौता शिक्षा और पर्यटन समेत अन्य क्षेत्रों में आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करता है। सलाहकार ने कहा है कि इसकी प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।चेक गणराज्य के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चेक गणराज्य की राजदूत एलिस्का जिगोवा ने किया। प्रशासन का नेतृत्व प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा ने किया। बैठक के दौरान चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर (सीसीए) में आर्किटेक्चर में एक चेयर स्थापित करने जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण एजेंडों पर विचार-विमर्श किया गया। तय हुआ कि दोनों संस्थानों के बीच विभिन्न तौर-तरीकों पर विचार करने के बाद सीसीए और प्राग विश्वविद्यालय के बीच एक समझौते का मसौदा तैयार किया जाएगा। आर्किटेक्चर में चेयर के दायरे में 6 महीने की इंटर्नशिप अवधि के लिए प्राग/चेक गणराज्य जाने वाले छात्रों के लिए प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। इसमें दोनों देशों के बीच इंटर्नशिप, अनुसंधान कार्यक्रम और सम्मेलनों की अवधि के लिए शोधकर्ताओं, छात्रों और संकाय के लिए वीजा की सुविधा शामिल थी।
चेक राजदूत ने किया सीसीए का दौरा
इंजीनियरिंग और चिकित्सा विज्ञान के छात्रों के लिए आदान-प्रदान कार्यक्रम के दायरे पर भी चर्चा की गई। चेक राजदूत ने बैठक में चर्चा किए गए सभी मामलों में सहयोग का आश्वासन दिया। चेक राजदूत ने हरा-भरा शहर होने के लिए चंडीगढ़ की सराहना की और चेक गणराज्य सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के बीच साझेदारी और सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। राजदूत ने दिन के दौरान चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर का दौरा किया और संस्थान की शोध पहल और छात्रों की रचनात्मक भावना की सराहना की।