आयोजकों ने 2500 से एक लाख रुपये तक बेची टिकटें
बुक माई शो व अन्य प्लेटफार्म पर आयोजकों की ओर से टिकटों की ऑनलाइन बिक्री की गई थी। आयोजकों की ओर से सिल्वर टिकट 2500 से पांच हजार रुपये में बेची गई थी जबकि गोल्ड टिकट 7500 से 12 हजार और फैन पिट 15 हजार से 25 हजार रुपये में बेची गई। इसके अलावा वीआईपी लांच की टिकटें 50 हजार से एक लाख रुपये में बेची गई। इस कार्यक्रम में चार प्रकार की व्यवस्थाएं की गई है जिसमें वीआईपी के लिए बैठने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा स्टेज के बिलकुल सामने फैनपिट लांच, उसके बाद गाेल्ड और सबसे आखिर में सिल्वर लांच बनाया गया है।
दलाल की एक की लांच की टिकट को अलग-अलग रेट में बेच रहे
आयोजकों की ओर से शुरू की गई ऑनलाइन टिकटों की खरीद बंद होने के बाद अब दलालों ने अपनी पहले से काफी संख्या में खरीदी हुई टिकटों की दलाली शुरू कर दी है। फेसबुक के जरिए युवाओं को व्हाट्सएप ग्रुपों में जोड़ा जा रहा है जहां टिकटों की दलाली हो रही है। अमर उजाला के पास पड़ताल के दौरान सबसे पहले सिल्वर टिकट पहुंची जिस पर रेट 2117 रुपये था जबकि 380 रुपये जीएसटी लगाकर इस टिकट की कुल कीमत करीब 2499 रुपये थी। लेकिन दलाल ने यह टिकट करीब 19 हजार रुपये के हिसाब से बेची है। इसी तरह से एक अन्य सिल्वर टिकट भी अमर उजाला के पास पहुंची जिस पर आयोजकों की ओर से करीब 3548 रुपये रेट दिया गया था और जीएसटी सहित कुल रेट 4199 रुपये था। लेकिन मोहाली के एक दलाल ने इस टिकट को 23 हजार रुपये में बेचा। इसी तरह से सिल्वर की टिकटें 30 से 50 हजार रुपये में दलाल बेच रहे थे जबकि वीआइर्पी और फैनपिट लांच की सारी टिकटें आउट ऑफ स्टाॅक बताई गई।
तीन दोस्तों को एक साथ टिकट खरीदने के जरिए लगा चूना
वहीं, सेक्टर-18, 27 के रहने वाले तीन दोस्तों को एक साथ दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम की दलालों के जरिए टिकट खरीदना महंगा पड़ गया। तीन दोस्तों ने बीते वीरवार को एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए युवक से बातचीत की और उसने इन्हें केवल सिल्वर टिकट होने की बात कही। इन युवकों ने 4999 वाली सिल्वर टिकटें खरीदी लेकिन उन्होंने प्रति टिकट 22-22 हजार रुपये दिए थे। पैसे ट्रांसफर करने के बाद इन्हें कुछ देर बाद सेक्टर-34 मेला ग्राउंड के पास आकर टिकटें लेने के लिए कहा गया। लेकिन इसके बाद टिकटें बेचने वालों का मोबाइल नंबर ही बंद हो गया। इस मामले की शिकायत करने के लिए वीरवार को तीनों युवक सेक्टर-9 पुलिस मुख्यालय में पहुंचे थे।