हापा पंचकूला व चंडीगढ़ में करेंगे प्रदर्शन, कहा 2019 के बाद कोई भर्ती नहीं
चंडीगढ़। प्रदेश के राजकीय कॉलेजों में खाली पड़े सहायक प्रोफेसरों के हजारों पदों पर रेगुलर भर्ती की मांग को लेकर हरियाणा एस्पाइरिंग असिस्टेंट प्रोफेसर एसोसिएशन (हापा) छह मार्च को पंचकूला व चंडीगढ़ में मौन जुलूस निकालेंगे। हापा के संस्थापक सदस्य व हरियाणा राजकीय कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (एचजीसीटीए) के पूर्व प्रादेशिक उपाध्यक्ष प्रोफेसर सुभाष सपड़ा ने बताया कि इस प्रदर्शन की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। प्रदर्शन के लिए प्रदेश के सैकड़ों बेरोजगार युवा अभ्यर्थी पंचकूला व चंडीगढ़ में इकट्ठा हो रहे हैं, जहां मौन जुलूस निकालते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। प्रोफेसर सपड़ा ने बताया कि हरियाणा में राज्य सरकार की ओर से 2019 में कुल 524 पदों पर कुछ ही विषयों में आखिरी बार सहायक प्रोफेसरों की भर्ती की गई थी। आधे से अधिक विषय ऐसे भी हैं, जिन पर 2016 के बाद से अब तक भर्ती नहीं हुई है। प्रदेश सरकार ने रेगुलर भर्ती के संबंध में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में एक हलफनामा देकर बताया था कि राज्य के राजकीय कॉलेज में सहायक प्रोफेसर प्रोफेसर के कुल 8137 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से कुल 4738 पद रिक्त हैं। सरकार पक्की भर्ती के नियमों में संशोधन का हवाला देकर इसे टालती आ रही है। मार्च 2020 में उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा ने 2592 असिस्टेंट प्रोफेसरों के पदों की नई नियुक्तियों को स्वीकृति दी थी। लेकिन यह फाइल भी इधर-उधर कार्यालयों में धूल चाट रही है। तीन जनवरी को आयोजित कैबिनेट मीटिंग में भर्ती नियमों में संशोधन की मंजूरी दी जा चुकी है। इसके बावजूद सहायक प्रोफेसर्स की नियमित नियुक्ति नहीं होने से इन पदों के हजारों उम्मीदवारों में मायूसी है।