गुरुनगरी से तीन बार सांसद रह चुके क्रिकेटर व भाजपा नेता नवजोत सिंह सिद्धू चुनाव के बाद वीरवार सुबह शहर पहुंचे। इस दौरान सिद्धू ने कहा कि वह तन-मन से चाहते हैं कि जिस सीट पर वह तीन बार विजयी हुए हैं, उस सीट से उनके राजनीतिक गुरु अरुण जेटली बड़ी जीत हासिल करें। लेकिन उनके चुनाव प्रचार में मैं इसलिए नहीं आया ताकि उनका प्रचार प्रभावित न हो। उन्होंने दावा किया कि वह पहले से बने शेड्यूल के अनुसार अपने नए बने घर में पूजा पाठ करवाने के लिए आए हैं। सिद्धू ने वीरवार को अपने घर में पूजा-पाठ और हवन यज्ञ का आयोजन करवाया।
'गुरु नगरी को किसी भी हाल में नहीं छोड़ सकता'
अमृतसर एयरपोर्ट पर मीडिया के साथ बातचीत में सिद्धू ने कहा कि वह गुरु नगरी से अथाह प्रेम करते हैं। गुरु नगरी ने उनको बहुत कुछ दिया है। इसलिए वह गुरु नगरी को किसी भी तरह छोड़ नहीं सकते। सिद्धू ने कहा कि अकाली दल के नेता मुझे और मेरी तेज राजनीतिक गतिविधियों को पसंद नहीं करते। यही कारण है कि मेरी ओर से जो प्रोजेक्ट शुरू किए गए, उन सभी को रुकवा दिया गया।
'सीएम बादल मुझे समझते हैं सौतेला बेटा'
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल मुझे अपना बेटा तो कहते हैं लेकिन समझते सौतेला हैं। उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी और मेरे समर्थक पूरी तरह जेटली के चुनाव प्रचार अभियान में लगे रहे हैं।
उन्होंने खुद अपने समर्थकों को जेटली के पक्ष में मतदान के लिए हिदायत दी थी। उन्होंने कहा कि भाजपा के जिन नेताओं ने उनके खिलाफ प्रेस वार्ता की थी वह सभी अकालियों की कठपुतलियां हैं और अपने स्वार्थों की खातिर भाजपा की नीतियों से दूर हो अकालियों की भाषा बोलते हैं।