एक चेक चोरी के मामले में शिकायतकर्ता ने कुछ समय पहले सीबीआई में शिकायत दी थी लेकिन एएसआई हरमीत ने शिकायतकर्ता को उसके ही खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और शिकायत को बंद करने की एवज में उससे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने एएसआई को इतने अधिक पैसे देने से इन्कार कर दिया। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच 40 हजार रुपये में सौदा तय हो गया। उधर, शिकायतकर्ता ने इस संबंध में सीबीआई एसपी के पास लिखित शिकायत दे दी। सीबीआई के अधिकारियों ने एक गठित कर दी। बुधवार को शिकायतकर्ता को जांच टीम ने रंग लगे नोट दिए। बुधवार को वह एएसआई हरमीत को पैसे देेने के लिए पहुंचा। पुलिसकर्मी जैसे ही रिश्वत के 10 हजार रुपए दिए गए, उसी समय सीबीआई ने एएसआई को रंगे हाथों 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई एसआई बलविंदर सिंह के घर और गाड़ी की भी तलाशी ली। कुछ दस्तावेज भी अपने साथ ले गई।
एएसआई की पूछताछ में एसआई के नाम का खुलासा
एएसआई ने पूछताछ में सेक्टर-17 थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह के नाम का खुलासा किया। पूछताछ के दौरान एसआई बलविंदर सिंह के नाम का पता लगते ही जांच टीम ने उसे भी धर दबोचा और दर्ज की गई एफआईआर में एसआई का नाम भी जोड़ दिया। आरोपियों के पास से जांच टीम ने रिश्वत के 10 हजार रुपये पहले ही रिकवर कर लिए थे। वहीं, देर रात तक दोनों आरोपियों के चंडीगढ़ और मोहाली में स्थित आवासीय परिसरों में तलाशी लेने की कार्रवाई चल रही थी। दोनों आरोपियों को जांच टीम वीरवार को कोर्ट में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करेगी।
शिकायत बंद करने के लिए मांगी गई थी रिश्वत
सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2019 में शहर निवासी श्याम सुंदर चड्ढा की ओर से सेक्टर 41 निवासी अनिल कुमार के खिलाफ शिकायत दी गई थी। इसमें आरोप था कि अनिल कुमार ने श्याम सुंदर चड्ढा के कुछ चेक चोरी कर लिए हैं। वर्ष 2019 से ही यह मामला पुलिस के पास विचाराधीन था। जांच अधिकारी एएसआई हरमीत ने सब इंस्पेक्टर बलविंदर के साथ मिलकर अनिल कुमार के खिलाफ केस दर्ज नहीं करने की एवज में एक लाख रुपये की डिमांड की। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच 40 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। उधर, अनिल कुमार ने इस संबंध में सीबीआई के पास रिश्वत मांगने की लिखित शिकायत कर दी।