श्री ननकाना साहिब के विधायक मोहम्मद आतिफ ने भी सिख समुदाय का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वह उनके साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। किसी भी व्यक्ति को गुरुद्वारा साहिब व सिखों को नुकसान पहुंचाने की आज्ञा नहीं दी जा सकती। वह इस घटना से शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं।
पाकिस्तान की स्थापना के बाद श्री ननकाना साहिब में स्थित एतिहासिक गुरुद्वारों को नुकसान पहुंचाने का कोई भी मामला नहीं था। पाकिस्तान की सरकार सिखों के साथ है। यह घटना एक निजी मामले के कारण हुई है, इसलिए पूरे पाकिस्तान या सभी मुसलमानों को इसका आरोपी नहीं कहा जा सकता।
उपस्थित सिखों को हौसला देते हुए उन्होंने कहा कि आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। श्री ननकाना साहिब का अमन चैन स्थापित रखा जाएगा।
जानकारी के अनुसार इस घटना के बाद पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा कमेटी द्वारा मूल नानक शाही कैलेंडर के अनुसार पांच जनवरी को गुरुद्वारा ननकाना साहिब से निकाले जाने वाले नगर कीर्तन पर स्थानीय प्रशासन ने रोक लगा दी है। यह नगर कीर्तन दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में सजाया जाना था।
पीएसजीपीसी ने कीर्तन सजाने के लिए गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में श्री अखंड पाठ भी रखा है, जिसका भोग रविवार को डाला जाना है। पीएसजीपीसी ने देश के विभाजन के बाद पहली बार प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब से नगर कीर्तन निकालने की घोषणा की थी। इस नगर कीर्तन में शामिल होने के लिए रविवार को बड़ी संख्या में भारत से भी संगत गुरुद्वारा करतारपुर साहिब पहुंचेगी।