ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक को बताया दुर्भाग्यपूर्ण।
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सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने फिरोजपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। हालांकि जत्थेदार ने इसके लिए सिख समुदाय को दोष न देने की भी अपील की है।
सोशल मीडिया पर सिखों को बनाया जा रहा निशाना
एक वीडियो में जत्थेदार ने कहा कि राष्ट्र के प्रधानमंत्री बहुत ही सम्मानित व्यक्ति हैं लेकिन उनके साथ जो कुछ भी हुआ वह पंजाब सरकार और उनके सुरक्षा कर्मचारियों के साथ-साथ केंद्र सरकार के बीच था क्योंकि यह उनके बीच समन्वय की पूर्ण कमी का मामला था। साथ ही, यह भी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि घटना के बाद सोशल मीडिया पर सिख समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है और नाकाबंदी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। सरकार को ऐसे सभी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहिए जो नफरत फैला रहे हैं।
नफरत न फैलाने की मांग
कुछ सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र करते हुए जत्थेदार ने घटना के लिए सिखों को जिम्मेदार ठहराने के लिए कुछ जिम्मेदार हस्तियों की भी निंदा की। जत्थेदार ने कहा कि यह निंदनीय है कि कुछ जिम्मेदार व्यक्ति सिख समुदाय को धमकी दे रहे हैं कि 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों की घटना को एक बार फिर दोहराया जा सकता है। इस तरह के बयान नफरत फैलाने वाले अपराध फैला रहे हैं और सिख समुदाय को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है और सरकारें मूकदर्शक बनी हुई हैं।
बेहद असुरक्षित क्षेत्र में फंसे थे मोदी
पांच जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब के फिरोजपुर में दौरा था। भारी बारिश के कारण पीएम को सड़क मार्ग से जाना पड़ा लेकिन इस दौरान हुसैनीवाला से 30 किलोमीटर दूर रास्ते में प्रदर्शनकारी मिल गए जिस कारण उनका काफिला तकरीबन 20 मिनट बेहद असुरक्षित क्षेत्र में रुका रहा। जिस इलाके में पीएम मोदी का काफिला रुका था, वह आतंकियों के अलावा हेरोइन तस्करों का गढ़ माना जाता है। पिछले साल सितंबर माह में इसी क्षेत्र में आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया था। इसके बाद से पंजाब में सियासत गरमा गई थी।