फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामदेव की जन्मभूमि पर योग शिक्षकों का टोटा, एक हज़ार पदों के लिए सिर्फ 125 आवेदन

Fri, 16 Jun 2017 09:20 AM IST
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
योग करते बच्चे
विज्ञापन
देश भर में योग का अलख जगाने वाले बाबा रामदेव की जन्मभूमि पर सरकार को योग शिक्षक नहीं मिल पा रहे हैं। हरियाणा में करीब एक हजार पदों पर यह शिक्षक रखे जाने थे, लेकिन सरकार के पास अब तक करीब 125 आवेदन ही आए हैं।
विज्ञापन


सरकार इस मामले में क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) का हवाला दे रही है। सरकार का कहना है कि क्यूसीआई की शर्तों को शामिल करने के कारण ऐसा हुआ है। क्यूसीआई ने देश भर में योग के मानदंड एक करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

वर्तमान में हालात यह है कि कोई लेटकर, कोई बैठक कर तो कोई खड़े होकर योग करवा रहा है। चूंकि हरियाणा इन मानदंडों की पालना कर रहा है, इसलिए कम आवेदन आए हैं। बहरहाल अब इन्हीं शिक्षकों को काम पर रखने के आदेश दे दिए गए हैं। इनके साक्षात्कार की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
विज्ञापन


मालूम हो कि हरियाणा में भाजपा सरकार बनने के बाद बाबा रामदेव को योग का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था। उनकी प्रेरणा से ही सरकार ने गांव स्तर पर एक हजार योगाशालाएं खोलने का निर्णय लिया था, लेकिन यह मामला तकनीकी कारणों में फंस कर रह गया है। आयुष विभाग ने इस संदर्भ में एक हजार पदों के लिए आवेदन मांगे थे, लेकिन अब यह मामला अटक गया है। बहरहाल, 21 जून को एक बार फिर सरकार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाएगी।
Trending Videos
विज्ञापन

क्या है क्यूसीआई?

योग करते लोग
केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत क्यूसीआई का गठन किया गया है। इसके माध्यम से योग के मानक तय हो रहे हैं। देश भर में योग के जो आसन हैं, उनको एक ही मुद्रा में करवाया जाए, ऐसा प्रयास किया जा रहा है।

क्यूसीआई के मानक को देखना भी जरूरी है। अब तक जितने आवेदन आएं हैं, उनकी नियुक्ति के आदेश दे दिए हैं।
-अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें