देश भर में योग का अलख जगाने वाले बाबा रामदेव की जन्मभूमि पर सरकार को योग शिक्षक नहीं मिल पा रहे हैं। हरियाणा में करीब एक हजार पदों पर यह शिक्षक रखे जाने थे, लेकिन सरकार के पास अब तक करीब 125 आवेदन ही आए हैं।
सरकार इस मामले में क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) का हवाला दे रही है। सरकार का कहना है कि क्यूसीआई की शर्तों को शामिल करने के कारण ऐसा हुआ है। क्यूसीआई ने देश भर में योग के मानदंड एक करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
वर्तमान में हालात यह है कि कोई लेटकर, कोई बैठक कर तो कोई खड़े होकर योग करवा रहा है। चूंकि हरियाणा इन मानदंडों की पालना कर रहा है, इसलिए कम आवेदन आए हैं। बहरहाल अब इन्हीं शिक्षकों को काम पर रखने के आदेश दे दिए गए हैं। इनके साक्षात्कार की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
मालूम हो कि हरियाणा में भाजपा सरकार बनने के बाद बाबा रामदेव को योग का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था। उनकी प्रेरणा से ही सरकार ने गांव स्तर पर एक हजार योगाशालाएं खोलने का निर्णय लिया था, लेकिन यह मामला तकनीकी कारणों में फंस कर रह गया है। आयुष विभाग ने इस संदर्भ में एक हजार पदों के लिए आवेदन मांगे थे, लेकिन अब यह मामला अटक गया है। बहरहाल, 21 जून को एक बार फिर सरकार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाएगी।