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सेक्टर-17 में फड़ियों की अनुमति देने के मामले में कमिश्नर से मिले दुकानदार

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चंडीगढ़। सेक्टर-17 में फड़ियों की अनुमति देने पर दुकानदारों ने नाराजगी जताई है। इस लेकर वीरवार को दुकानदारों ने कमिश्नर केके यादव से मुलाकात की। दुकानदारों ने कहा कि जब सेक्टर-17 को नो वेंडिंग जोन घोषित किया गया है तो फिर यहां वेंडरों को बैठने के लिए अनुमति क्यों दी गई है। कमिश्नर ने दुकानदारों को आश्वासन दिया कि अगली बार बेहतर व्यवस्था के साथ साइट आवंटित की जाएंगी।
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सेक्टर-17 के व्यापारी संजीव चड्ढा ने कहा कि फड़ी वालों को निगम ने सात दिन की अनुमति दी है। दूसरी तरफ, दुकानदारों को मात्र 3 दिन ही स्टॉल लगाने की अनुमति दी जा रही है। कोरोना के बाद दुकानदार वैसे ही परेशान हैं, अब निगम इस तरह से भेदभाव करेगा तो दिवाली कैसे मनेगी। इसी रोष की वजह से दुकानदारों ने स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं ली है। पिछले 30 साल में ऐसा कभी नहीं हुआ कि दुकानदारों को तीन दिन व फड़ी वालों को सात दिन की अनुमति दी गई हो।
सेक्टर 17 के अन्य दुकानदारों ने कहा कि फड़ी वालों पर मेहरबानी दिखाई जा रही है, जबकि अपनी दुकानों के बाहर स्टॉल लगाने का अधिकार व्यापारियों को होना चाहिए। हालांकि, इस संबंध में निगम के अधिकारियों का कहना है कि स्टॉल लगाने की अनुमति सेक्टर-17 स्थित ब्रिज के नीचे दी गई है। प्लाजा में किसी वेंडर को नहीं बैठाया गया है। दुकानदारों को सात दिन की अनुमति लेनी थी तो उन्हें पहले आवेदन भी करना चाहिए था। अचानक से सात दिन की अनुमति कैसे दी जा सकती है। सेक्टर-17 में वेंडरों को अनुमति नियम व कानूनी सलाह के बाद ही दी गई है। ज्ञात रहे कि पिछले साल उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर सेक्टर-1 से 6, सेक्टर-17 प्लाजा, मार्केट के बरामदों व पार्किंग से वेंडरों को हटाया गया था। उसके बाद सभी वेंडरों को वेंडिंग जोन में भेज दिया था। हालांकि, कोरोना के कारण यह व्यवस्था फिलहाल गड़बड़ा गई है।
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