पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर जूता फेंका गया और वो भी उन्हीं के हल्के में। लोग इतने विरोधी हो गए कि उनके गनमैन से धक्कामुक्की भी की। बिक्रम सिंह मजीठिया पर आज मजीठा में उस समय जूता फेंका गया जब वह कांग्रेस पार्टी के एक सदस्य की तरफ से आयोजित सभा में पहुंच गए।
कांग्रेस उम्मीदवार सुखजिंदर राज सिंह लाली को हाल में चुनावों में पराजित करने वाले मजीठिया से लाली के कुछ समर्थकों ने बहस की। पुलिस ने बताया कि मजीठिया के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने मादक पदार्थों के खतरे के लिए अकाली नेता को जिम्मेदार ठहराया। घटना मजीठिया विधानसभा क्षेत्र में हुई जहां एडीजीपी (सुरक्षा) रोहित चौधरी कांग्रेस नेताओं के साथ लोगों की शिकायतें सुन रहे थे।
वहां बिक्रम के पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ता उत्तेजित होकर नारेबाजी करने लगे और उन्हें वहां से जाने के लिए बाध्य कर दिया। लोग इतने विरोधी हो गए कि बिक्रम जब अपने काफिले के साथ निकल रहे थे तो उनकी गाड़ियों को रोकने की भी कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने लोगों को पीछे हटाया। पुलिस अफसरों की मौजूदगी में जूते फेंके गए, उनके समर्थकों से धक्कामुक्की की गई।
अगर कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाएंगे
बिक्रम सिंह मजीठिया पर फेंका गया जूता
लोगों ने उनका घेराव करने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'नशा के व्यापारियों का समर्थक मजीठिया मुर्दाबाद' के नारे भी लगाए। लोगों का कहना था कि उन्होंने 10 साल में हुई गुंडागर्दी और नशे पर छित्तर मारा है। 10 साल तक तो खुद धक्केशाही की है। लोगों का तो यह भी कहना था कि जो लोग नशे का धंधा करते रहे हैं, वहीं मीटिंग में पहुंचे हैं।
वहीं जूते फेंकने को लेकर मजीठिया ने कहा कि वह लोगों के इंसाफ के लिए लड़ते रहेंगे, भले ही कांग्रेसी गोली क्यों मार दें। मजीठिया ने पुलिस की कारगुजारी पर सवाल करते हुए कहा कि यह मीटिंग कांग्रेस का शो रही। उन्होंने कांग्रेसी नेता लाली मजीठिया पर आरोप लगाया है कि उनके उकसावे पर हमला किया गया।
उन्होंने 7 दिन का अल्टीमेटम दिया और कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाएंगे। उधर, मजीठिया के खिलाफ प्रदर्शन के मामले में कांग्रेस नेता सुखजिंदर राज सिंह लाली मजीठिया ने कहा कि जब मजीठिया पुलिस पब्लिक बैठक में पहुंचे तो लोगों में पहले ही बिक्रम के खिलाफ रोष था, जो प्रदर्शन के रूप में सामने आया। उन्होंने तो वहां पहुंच कर कांग्रेस वर्कर्स और इलाके के लोगों को शांत करवाया।