चारपहिया वाहनों का कोटा अभी बाकी
नई कैपिंग के तहत इस वर्ष 85 प्रतिशत तक गैर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पंजीकृत होने थे क्योंकि पहली संशोधन के बाद ये हिस्सा 75 प्रतिशत था। इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहनों की कैपिंग भी 25 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दी गई, जिससे शहर में 88 प्रतिशत तक गैर इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन पंजीकृत हो सकते हैं। चारपहिया वाहनों का भी कोटा खत्म होने वाला था और अगले माह इस पर रोक लगने वाली थी लेकिन कोटा बढ़ने के कारण ही फिलहाल इनकी पंजीकरण का मौका है।
अब तीसरे संशोधन की मांग तेज
अब फिर ईवी नीति में तीसरे संशोधन करने की मांग तेज हो गई है। अगर प्रशासन ने फिर राहत नहीं दी तो अगले साल एक अप्रैल से ही बाइकों का पंजीकरण शुरू हो पाएगा। करीब पांच महीने तक गाड़ियों की बिक्री बंद हो सकती है। पंजीकरण नहीं होगा को शोरूम भी बंद रहेंगे। हजारों लोगों की रोजी-रोटी भी खतरे में हैं। लगभग 10 ऑटोमोबाइल डीलर सामूहिक रूप से सालाना लगभग 20 हजार गैर-इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बेचते हैं। औसतन हर महीने 1600 से 2000 करीब महीने में बिक्री होती है लेकिन त्योहारी सीजन के दौरान इनकी संख्या बढ़कर चार हजार हो जाती है।
प्रशासक के नए सलाहकार ही लेंगे फैसला
प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल इलेक्ट्रिक वाहन नीति लेकर आए हैं। यह उनकी महत्वाकांक्षी नीतियों में से एक है। उनका मानना है कि अगर सख्ती से इस नीति का पालन हो तो चंडीगढ़, भारत और विश्व के लिए एक ईवी मॉडल शहर बनकर उभर सकता है। हालांकि प्रशासन के अन्य कुछ अधिकारियों में नीति को लेकर अलग-अलग विचार हैं।
सलाहकार धर्मपाल दूसरी बार भी नीति में संशोधन करने के पक्ष में नहीं थे। हालांकि प्रशासक के आदेश और चौतरफे दबाव के बाद संशोधन करना पड़ा। सलाहकार धर्मपाल 31 अक्तूबर को सेवानिवृत हो जाएंगे इसलिए माना जा रहा है कि उनके जाने के बाद ही नए सलाहकार नीति में संशोधन का फैसला करेंगे। ऐसे में अगले कुछ दिन तक लोगों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से अब तक यह भी तय नहीं हुआ है कि नया सलाहकार कौन होंगे।
जोर जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए, कैपिंग को हटाना चाहिए। ईवी को बढ़ावा दिया जाना जरूरी है लेकिन इसके लिए पेट्रोल-डीजल वाहनों को बंद कर जोर जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए। लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। सब्सिडी और चार्जिंग स्टेशन हों ताकि लोग खुद ही ईवी खरीदें। नीति में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि दूसरे राज्यों से आने वाले पेट्रोल डीजल वाहनों के बारे में प्रशासन का क्या स्टैंड है। इस मुद्दे पर एक कमेटी का गठन किया जाना चाहिए। - कैलाशचंद जैन, अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल व भाजपा नेता।
त्योहारों का सीजन है। अचानक पेट्रोल बाइकों का पंजीकरण बंद कर देने से डीलर्स से ज्यादा ग्राहक परेशान होते हैं। कई लोगों ने दिवाली के लिए बुकिंग कराई हुई है। दो नवंबर को हमारे और एक ग्राहक द्वारा फाइल किए गए केस की सुनवाई है। उम्मीद है कि राहत जरूरत मिलेगी। - रंजीव दहूजा, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ चंडीगढ़ रीजन ऑटोमोबाइल डीलर्स।
मैं प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित से अनुरोध करता हूं कि जब तक ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू नहीं हो जाते तब तक पेट्रोल और डीजल वाहनों का पंजीकरण बंद न किया जाए। त्योहारों का मौसम चल रहा है और बहुत से लोग नए वाहन खरीदना चाहते हैं लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। ईवी पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में काफी महंगे हैं। प्रशासन को इस नीति को लागू करने से पहले सभी हितधारकों को विश्वास में लेना चाहिए था। - एचएस लक्की, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस।