चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में सशर्त जमानत खारिज किए जाने के बाद दोषी शमशेर सिंह ने बुधवार को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सचिन यादव की अधालत में आत्मसमर्पण कर दिया। जिला अदालत ने दोषी शमशेर सिंह की रिहाई की अर्जी प्रशासन के पास विचाराधीन होने के चलते उसे सशर्त जमानत दी थी। इसके तहत दोषी की रिहाई अर्जी पर फैसला आने तक उसे जमानत दी गई थी लेकिन इसी वर्ष चंडीगढ़ प्रशासन ने शमशेर की ओर से दी गई रिहाई की अर्जी को खारिज कर दिया।
प्रशासन की ओर से अर्जी खारिज किए जाने के बाद जिला अदालत ने दोषी शमशेर की जमानत को रद्द करते हुए आत्मसमर्पण करने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया था लेकिन जब वह अदालत में हाजिर नहीं हुआ तो उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए। अदालत की ओर से जारी किए गए गैर जमानती वारंट के बाद शमशेर ने बुधवार को सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।
क्या था मामला... चंडीगढ़ सिविल सचिवालय के बाहर 31 अगस्त, 1995 को मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या कर दी गई थी। आतंकियों ने उनकी कार को बम से उड़ा दिया था। इस घटना में 16 अन्य लोगों की भी जान गई थी। इस मामले में अगस्त 2007 को जिला अदालत ने शमशेर सिंह समेत अन्य को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि मुख्य आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी।