रणजीत सागर बांध परियोजना शाहपुरकंडी के अस्पतालों में शुक्रवार को विजिलेंस के छापे से हड़कंप मच गया। छापामारी के दौरान अस्पताल में डाक्टरों सहित कई मुलाजिम नदारद पाए गए।
विजिलेंस ने छापामारी के दौरान मुलाजिमों की गैर हाजिरी और अन्य अनियमितताओं की रिपोर्ट तैयार कर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही अस्पताल का रिकार्ड भी कब्जे में ले लिया गया है।
जानकारी के अनुसार टाउनशिप अस्पताल में सात डाक्टर, चार लैब टेक्नीशियन, चार फार्मासिस्ट, एक रेडियोग्राफर, सात नर्स के अलावा 15 दर्जा चार कर्मचारी हैं।
विजिलेंस पठानकोट के डीएसपी नरेश ठाकुर के नेतृत्व में इंस्पेक्टर दविंद्र सिंह, सहायक इंस्पेक्टर सतपाल सिंह, निरंजन सिंह, पठानकोट के डा. सुशील कुमार और डा. जसविंद्र पर आधारित अलग-अलग टीमों ने परियोजना के टाउनशिप, उच्चा थड़ा कालोनी के अस्पताल में छापामारी की।
छापामारी के दौरान अस्पताल में दोनों जगहों पर दो डाक्टर और कुछ ही स्टाफ नजर आया। छापामारी की भनक लगते ही दोनों अस्पतालों में हड़कंप मच गया और धीरे-धीरे मुलाजिमों का आना भी शुरू हो गया।
इस बीच विजिलेंस ने अस्पताल की लैब, स्टोर में रखी दवाओं के स्टाक और अन्य रिकार्ड खंगाला। तीन घंटे चली छापामारी के चलते मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
डीएसपी नरेश ठाकुर ने बताया कि उनकी टीम आठ बजकर पांच मिनट पर अस्पताल पहुंची तो मात्र दो डाक्टर और दो नर्स ही मौजूद थीं। जबकि उच्चा थड़ा अस्पताल में मात्र दो दर्जा चार कर्मचारी ही मिले।
उन्होंने बताया कि अस्पताल का सारा रिकार्ड कब्जे में ले लिया गया है। दवाओं के स्टाक की चेकिंग की गई है। रिकार्ड की जांच के बाद ही कमियों के बारे में पता चल सकेगा। उधर, अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि पांच सितंबर को गजटेड छुट्टी दिखाई गई है।
इससे उन्होंने छुट्टी समझ ली थी लेकिन अस्पताल में छुट्टी नहीं होने की सूचना फोन से मिली है। अस्पताल के एसएमओ डा. एमआर विरदी ने कहा कि विजिलेंस जांच का मामला है। उस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।