देश में तीन तलाक का मुद्दा फिर गरमाता जा रहा है। शाही इमाम ने मोदी सरकार की खिलाफत करते हुए कानून की कड़े शब्दों में निंदा की। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बढ़ चढ़कर कुर्बानियां देने वाली पार्टी मजलिस अहरार इस्लाम हिंद के 89वें स्थापना दिवस जामा मस्जिद लुधियाना में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
पार्टी के अध्यक्ष व शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने ध्वज लहरा कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने तीन तलाक के मुद्दे पर मोदी सरकार का विरोध किया।
मौलाना हबीब सानी ने कहा कि इस पार्टी की स्थापना भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी रईस उल अहरार मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी प्रथम, सैय्यद उल अहरार, सैय्यद अताउल्लाह शाह बुखारी, चौधरी अफजल हक ने 29 दिसंबर 1929 को लाहौर के हबीब हाल में की थी। अगर आज भी जरूरत पड़ी तो हम अपने देश की अखंडता के लिए खून का आखिरी कतरा भी बहा देंगे।
उन्होंने कहा कि अहरार किसी इतिहासकार की मुहताज नहीं है, हम अपना इतिहास अपने खून से लिखते हैं। शाही इमाम ने कहा कि मोदी सरकार तीन तलाक के नाम पर एक काला कानून मुस्लिम समुदाय पर थोप रही है, जिसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। देश के संविधान के मुताबिक हर एक व्यक्ति अपने धर्म और आस्था के मुताबिक जीवन बिताने के लिए स्वतंत्र है और हमारी ये स्वतंत्रता कोई राजनीतिक पार्टी नहीं छीन सकती।