जीरकपुर। शुक्रवार को नाभा गांव से दयालपुरा जाने वाली सड़क के नजदीक खुले मैदान में जला हुआ शव मिला था। उसकी पहचान शाहबाद के एक परिवार की ओर से की गई है। परिवार ने शव की पहचान के बाद महिला के पति पर ही उसे मौत के घाट उतारने के आरोप लगाए हैं। डेराबस्सी पुलिस ने परिवार की शिकायत पर महिला के पति सुरेश को पूछताछ के लिए थाने बुलाया है लेकिन केस को लेकर पुलिस के लिए असमंजस की स्थिति बन गई क्योंकि व्यक्ति ने शव को पत्नी का न होकर किसी और महिला का होने की बात कही है। इसके बाद पुलिस ने डीएनए टेस्ट करवाने की तैयारी शुरू कर दी है। मामला जीरकपुर थाने का है लेकिन मृतक महिला डेराबस्सी में रहती थी और महिला के परिजनों ने एक महीने पहले डेराबस्सी थाने में लापता होने की शिकायत डेराबस्सी थाने में लिखवाई थी। इसके चलते डेराबस्सी पुलिस ने परिवार की शिकायत पर पति को पूछताछ के लिए थाने के लिए बुलाया है।
मृतका के परिवार ने एक महीना पहले दी थी डेराबस्सी थाने में गुमशुदा शिकायत
शाहबाद से आए एक परिवार ने बताया कि यह उनकी बेटी का शव है। इसे उसके पति ने साथियों के साथ मिलकर जलाकर मार दिया है क्योंकि काफी लंबे समय से उनका आपस में झगड़ा चल रहा था। मृतका का नाम सुनीता (32) बताया जा रहा है जिसकी शादी दस साल पहले सुरेश निवासी पलवल के साथ हुई थी और जो इस समय डेराबस्सी गुलाब रोड पर रह रहे थे। उनकी एक नौ साल की बेटी भी है। मृतक सुनीता की मां जसमेरो ने बताया कि बीती 14 मई को उसका दामाद नरेश उनकी बेटी सुनीता से झगड़ा कर उनके घर आया था और झगड़े के बारे में बताकर चल गया था। इस पर उन्होंने पूछा कि सुनीता कहां है तो सुरेश ने कहा कहा कि मुझे पता नहीं। वह आसपास कहीं पड़ोसियों के घर होगी लेकिन अगले दिन जब वह डेराबस्सी पहुंचे तो उनकी बेटी घर पर नहीं थी। इसके बाद उन्होंने थाना डेराबस्सी में शिकायत दर्ज करवाई। वहां सुनवाई नहीं की तो एसएसपी मोहाली से भी मिले लेकिन फिर भी पुलिस ने सुनीता को ढूंढने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। सुनीता का मां जसमेरो ने डेराबस्सी पुलिस पर आरोप लगाते कहा कि यदि पुलिस उसकी बेटी को ढूंढने में सतर्कता दिखाती तो शायद आज उसकी बेटी जिंदा होती।
पति बोला- ससुराली उसे फंसाने की कर रहे कोशिश
दूसरी तरफ गिरफ्तार किए गए सुरेश ने कहा कि यह शव उसकी पत्नी का नहीं है, क्योंकि उसकी पत्नी पहले भी उसे छोड़कर किसी दूसरे मर्द के साथ चली गई थी और उत्तराखंड में रहने लगी थी। इसके करीब आठ-नौ महीने बाद वह दोबारा उसके साथ रहने के लिए आ गई थी। उसे अब भी शक है कि वह अब भी किसी मर्द के साथ कहीं और ही रह रही है। उसके परिवार वाले रंजिश के चलते उसे जानबूझकर फंसाना चाहते हैं।
शव को परिजनों ने कैसे पहचाना
जली हुई महिला के शव पर दावा करने वाले परिवार की सदस्य जसमेरो ने बताया कि यह उसकी सुनीता ही है, क्योंकि उसके हाथ में जो कंगन डाले हुए हैं, उन्हें वह पहचानती है। इसके अलावा जली टीशर्ट भी पहचानी है। वहीं, शव के नीचे से जो चादर एक छोटा-सा टुकड़ा मिला है, वह सुनीता के घर की चादर का पहचान कर परिवार के सदस्यों ने पुलिस को शव सुनीता का होने का दावा किया और पति खिलाफ सख्त एक्शन लेने की बात कही।
कोट्स...
शव जीरकपुर क्षेत्र में मिला था तो कार्रवाई या केस भी जीरकपुर पुलिस स्टेशन में ही होगा। हमारे पास सुनीता नामक लड़की की गुमशुदा की शिकायत थी। इस पर शाहबाद के परिवार को बुलाया गया था। उन्होंने शव की पहचान करते हुए सुनीता का ही बताया है। शिकायत के आधार पर हमने सुनीता के पति सुरेश को पूछताछ के लिए बुलाया है। बाकी कार्रवाई जीरकपुर पुलिस की है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी बता दिया है। -जसकंवल सिंह, थाना डेराबस्सी
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परिवार दावा कर रहा है लेकिन अपने तौर पर मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। सुनीता के पड़ोसियों व आसपास को लोगों को भी शव की पहचान के लिए बुलाया जा रहा है। पहचान होने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो डीएनए टेस्ट भी करवाया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। -सिमरजीत सिंह, एसएचओ थाना जीरकपुर