स्टूडेंट्स फार सोसाइटी (एसएफएस) के नेताओं ने पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स सेंटर पर ह्यूूमन राइट कमीशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सेना केखिलाफ रेपिस्ट शब्द का प्रयोग किया, जिस पर काफी देर तक बवाल हुआ।
एसएफएस ने दिल्ली के रामजस कॉलेज में उठे विवाद को लेकर शनिवार को स्टूडेंट सेंटर पर एबीवीपी के खिलाफ धरना देते हुए नारेबाजी की। इस दौरान वक्ताओं ने राष्ट्र्ीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बस्तर में 16 जनजातीय महिलाओं के साथ सेना के जवानों द्वारा रेप किया गया। मामले को लेकर संगठन ने आर्मी की आलोचना की व काफी देर नारेबाजी की।
इसी दौरान एसएफआई की सदस्य और जीसीजी कॉलेज की छात्रा अंबिका ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि देश के जवानों को रेपिस्ट कहना ठीक नहीं है। उसने कहा कि उसके पिता भी पैरामिलिट्री फोर्स में हैं जो अपनी हर ड्यूटी निभाते हैं। यह कहते कहते लड़की काफी भावुक हो गई और इसके बाद माहौल काफी गरमा गया।