चंडीगढ़। दिल्ली कूच के लिए निकले किसानों पर लाठीचार्ज के खिलाफ बुधवार को एसएफएस ने केंद्र सरकार के खिलाफ पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पीयू के कई विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान अन्य छात्रों को बताया गया कि यह आंदोलन सरकार की वादा खिलाफी पर किया जा रहा है। सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया। इसलिए किसानों को फिर से सड़कों पर उतरना पड़ा है।एसएफएस अध्यक्ष संदीप ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदर्शनकारी किसानों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए हिटलर के रास्ते पर चल रही है। भाजपा ने किसानों के खिलाफ पूरी तरह से सशस्त्र केंद्रीय बलों का इस्तेमाल किया। रबर बुलेट, रसायन-दूषित वॉटर कैनन और ड्रोन की मदद से आंसू गैस बम का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे 130 से अधिक किसान घायल हो गए हैं। जिन केंद्रीय बलों का इस्तेमाल दुश्मन ताकतों के खिलाफ किया जाना चाहिए था, उनका इस्तेमाल किसानों के खिलाफ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा ने एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित किया लेकिन उनकी सिफारिशों को लागू नहीं किया। एसएफएस ने सभी से किसानों के चल रहे विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की। इस विरोध प्रदर्शन में छात्र संगठन साथ और पीएसयू (एल) ने भी हिस्सा लिया।