फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: गिल कॉलोनी में सीवरेज लीक पर खोदी गली, लोग झेल रहे परेशानी

विज्ञापन
विज्ञापन
जीरकपुर। बलटाना के वार्ड नंबर पांच में पड़ती गिल कॉलोनी के लोग बार बार गली खोदने के लेकर परेशान हो चुके हैं। लोगों ने बताया की पिछले एक साल में तीन बार सड़क खोदी गई और धंसी सीवरेज लाइन की लीकेज को ढूंढने के लिए विभाग ने कई बार सर्वे भी किया लेकिन समस्या का पता नहीं चला।
विज्ञापन

गिल कॉलोनी निवासी एडवोकेट डीसी कुमार सोसायटी प्रधान, राजेश ढांडा, रेनू शर्मा शर्मा, मोहन लाल वर्मा, जीएल शर्मा, हतिंदर नेगी, ममता ने बताया कि एक साल पहले उनकी सोसायटी में इंटरनेट के तार डालने के लिए यह गली खोदी गई थी। इस दौरान यह सीवर लाइन में लीकेज हो गई थी। इसके बाद गली तो बना दी गई लेकिन सीवर लाइन की लीकेज बंद नहीं हुई। इसके बाद परिषद टीम के अधिकारी यहां का कई बार सर्वे भी कर गए लेकिन उन्हें पाइप लाइन के लीकेज का पता नहीं चला। इसके बाद दोबारा गली खोदी गई लेकिन उन्हें समस्या का पता नहीं चला।

अब तीसरी बार सीवरेज की लीकेज के लिए पूरी गली खोद दी गई है और ड्रेन के पाइप दोबारा डाले गए हैं। इसके साथ ही डाली गई तारें भी काट दी गई हैं। अब इसे डालने के लिए दोबारा गली खोदी गई तो लोगों के लिए भारी समस्या पैदा हो जाएगी। लोगों ने बताया कि उन्हें शक है कि एक साल जिस समय यह तार कंपनी की ओर से डाली गई थीं, उनके पास तारें डालने की मंजूरी भी नहीं थी।
विज्ञापन


लोगों ने कहा कि परिषद व प्रशासन को यह अच्छी तरह देखना चाहिए की यदि कोई कंपनी अंडरग्राउंड तार डालती हैं तो पाइप आदि लीक होने पर उसे या तो जुर्माना लगना चाहिए या फिर पाइप लाइन उनसे ही दोबारा डलवानी चाहिए क्योंकि करीब ढाई साल पहले यह पाइप लाखों रुपये की लागत से डाली गई थी। इनका एक साल में टूट जाना और दोबारा इस पर खर्च करना परिषद के पैसे का नुकसान है। यह लोगों द्वारा दिए टैक्स के रूप में दिए पैसे की बर्बादी है।

सीवरेज लाइन में खुले तार छोड़े, इससे सीवर हो रहा था ओवरफ्लो

गिल काॅलोनी में सीवरेज ओवरफ्लो होने में हैरान कर देने वाली बात यह है कि तार डालने वाली कंपनी ने तार लाइन के साइड में डालने के बजाय सीवर लाइन में खुले छोड़ दिए। इस कारण तारों में गंदगी फंसने से सीवरेज ओवरफ्लो हो रहा था। नियमों के अनुसार सीवरलाइन में कोई भी तार नहीं डाली जा सकती। स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसी कंपनी व लोगों ने खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

कोट्स...लोगों द्वारा बार-बार सीवरेज लीकेज की शिकायत की जा रही थी। पहले तो समझ नहीं आ रही थी लेकिन जब लाइन चेक की तो पता चला कि किसी ने तारें बीच में डाली हुई थीं। इनमें सामान फंसने के कारण सीवरेज ओवरफ्लो हो रहा था। तारें अब काट दी गई हैं और तारें डालने वाली कंपनी को भी बुलाया गया है। यदि जरूरत पड़ी तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। -कुलवंत सिंह, जेई, नगर परिषद, जीरकपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें