हरियाणा में फतेहाबाद जिले के गांव नागपुर में मढ़ रोड पर स्थित जैन ग्रुप एवं इंडस्ट्री में बुधवार दोपहर हादसा हो गया। फैक्टरी में बॉयलर का ढक्कन खोलने से विस्फोट हो गया और सात मजदूर झुलस गए। इन श्रमिकों को फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन मजदूरों की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अग्रोहा मेडिकल रेफर कर दिया गया।
फैक्टरी में हुए हादसे में गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों की पहचान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निवासी मोमराज पुत्र मूलचंद , रूपकिशोर पुत्र रामप्रसाद और प्रकाश पुत्र सोहनलाल के रूप में हुई है। इसके अलावा सुकुम, वीरपाल, अंकुर और प्रीतम भी चपेट में आकर झुलस गए।
इस हादसे की सूचना मिलने के बाद शहर थाना प्रभारी ओमप्रकाश चुघ टीम के साथ नागरिक अस्पताल पहुंचे। करीब एक घंटे बाद फैक्टरी संचालक अमित जाखड़ भी नागरिक अस्पताल में पहुंच गए। फतेहाबाद के एसडीएम राजेश कुमार ने घटना की सूचना के बाद फैक्टरी का निरीक्षण किया।
झुलसे हुए मजदूर प्रीतम कुमार ने बताया कि गांव नागपुर में मढ़ रोड पर टायर से तेल निकालने की फैक्टरी है। इसमें करीब 12 से 15 मजदूर काम करतेे हैं। बुधवार सुबह करीब आठ बजे फैक्टरी में काम शुरू किया गया था। बायलर में टायर डालकर तेल निकालने का प्रोसेस शुरू किया था।
दोपहर करीब 12 बजे बॉयलर का ढक्कन खोला गया। इस कारण बॉयलर में गैस बनने के कारण धमाका हुआ और आग लग गई। हादसे में करीब सात मजदूर झुलस गए। इनमें मोमराज, रूपकिशोर और प्रकाश की हालत चिंताजनक है।
फैक्टरी में लगे हैं तीन बॉयलर
गांव नागपुर में मढ़ रोड पर स्थित फैक्टरी में तीन बॉयलर लगे हुए हैं। पुराने टायरों से तेल निकाला जाता है। मजदूर प्रीतम के मुताबिक एक टंकी करीब 15 टन की है।
धमाके की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीण
हादसे के दौरान बॉयलर से जोरदार धमाका हुआ। मजदूरों की चीखपुकार मचने पर खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने मजदूरों को फैक्टरी से बाहर निकाला और एंबुलेंस कंट्रोल रूम में सूचना दी। इसके बाद गंभीर रूप से घायलों को एंबुलेंस से फतेहाबाद लाया गया और अन्य कार आदि में अन्य अस्पताल ले जाया गया।
ग्रामीण बोले, फैक्टरी का किया गया था विरोध
हादसे की सूचना के बाद काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीण प्रेम कुमार ने बताया कि चार माह पहले भी पर्यावरण विभाग को शिकायत की थी। अब हाल ही में 15 दिन पहले प्रशासन को शिकायत दी थी कि ये फैक्टरी नियमों के खिलाफ चल रही है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। लापरवाही के कारण हादसा हुआ है।