अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था गर्मी में शिविर का मुद्दा
चंडीगढ़। प्रदेश में हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद ने गर्मी के मौसम में स्कूलों में आयोजित होने वाले सात दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर को स्थगित कर दिया है। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन के विरोध जताने के बाद ही विभाग ने अपना फैसला बदला है। इस संबंध में शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिला उपायुक्तों, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा और राज्य के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। बता दें कि प्रचंड गर्मी में शिविर लगाने के मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था।
इससे पहले, हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद ने राजकीय स्कूलों में पांच से 11 जून तक इको क्लब की ओर से होने वाले सात दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का शेड्यूल जारी किया था। ऐसे में इस आयोजन का हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन ने विरोध जताया था। एसोसिएशन का तर्क था कि जब प्रचंड गर्मी को देखते हुए प्रदेशभर के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर रखी है, तो फिर स्कूलों में शिविर लगाने का क्या मतलब है। सोमवार को एसोसिएशन के राज्य प्रधान सतपाल सिंधू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने निदेशालय के अधिकारियों के साथ बैठक की और अपनी आपत्ति जताई। बैठक के बाद विभाग ने शिविरों के शेड्यूल को स्थगित कर दिया। शिविरों के लिए अब बाद में नए सिरे से शेड्यूल जारी किया जाएगा।
ग्रीष्मकालीन शिविर की गतिविधियों को लेकर ग्रांट जारी
ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान इको क्लब के तहत लगने वाले शिविरों में गतिविधियों के लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परिषद ने ग्रांट जारी है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को गतिविधियों के आयोजन के लिए 3500 रुपये की ग्रांट जारी गई है, जबकि राजकीय उच्च विद्यालय को 2100 रुपये दिए हैं।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परिषद ने जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वय समग्र शिक्षा और खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए कि शिविर का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन रहेगा, जिसमें विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से लेकर पौधे लगाने और उनके रखरखाव के बारे में जागरूक किया जाएगा। राजकीय उच्च विद्यालय का स्कूल मुखिया गतिविधियों, प्रतियोगिताओं, पुरस्कारों, ओआरएस व जलपान पर प्रतिदिन 300 रुपये खर्च कर सकेगा। वहीं, सेकेंडरी स्कूलों को 500 रुपये खर्च करने का अधिकार दिया गया है।