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Chandigarh News: हाईकोर्ट बार प्रधान व सचिव को झटका, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आदेश पर रोक

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चंडीगढ़। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रधान विकास मलिक तथा सचिव स्वर्ण सिंह तिवाना को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देने वाले बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आदेश पर रोक लगा दी है। बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा ने भ्रष्टाचार व अन्य शिकायतों पर प्रधान का लाइसेंस निलंबित कर दिया था और सचिव के पद संभालने पर रोक लगा दी थी। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपील पर सुनवाई करते हुए राज्य बार काउंसिल के आदेश पर रोक लगा दी थी। बार एसोसिएशन के प्रधान विकास मलिक व महासचिव स्वर्ण सिंह तिवाना के खिलाफ बार के फंड के दुरुपयोग को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। इस मामले में याचिकाकर्ता नोटिस सर्व करवाने के लिए प्रधान कार्यालय में गए थे और कथित तौर पर विकास मलिक व अन्य ने याची वकीलों से हाथापाई व मारपीट की। इसको लेकर 1 जुलाई को एफआईआर भी दर्ज की गई थी। मामला दोबारा सुनवाई के लिए पहुंचा तो हाईकोर्ट ने इसे बहुत गंभीरता से लेते हुए एफआईआर की निगरानी करने का चंडीगढ़ के एसएसपी को आदेश दिया था। साथ ही यह भी निर्देश दिया था कि आवश्यक अन्य धाराएं भी एफआईआर में जोड़ी जाएं। बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा ने प्रधान व सचिव दोनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रधान का लाइसेंस निलंबित कर दिया था और सचिव के पद संभालने पर रोक लगा दी थी। इस मामले में दोनों ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया की शरण ली थी जहां दोनों को अंतरिम राहत देते हुए बीसीआई ने राज्य बार काउंसिल के आदेश पर रोक लगा दी थी।
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