चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में फार्मोकोलॉजी पर चल रहे अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में 16 वैज्ञानिकों ने अपने अलग-अलग विषय पर व्याख्यान दिया। यूएस कैलिफोर्निया से आए डॉ. देवेंद्र के अग्रवाल ने बताया कि अक्सर ब्रेन इंजरी की घटनाएं होती हैं। इसमें दिमाग का ट्रीटमेंट करने की बजाय कोशिश की जाती है कि मरीज को सांस आए।
ब्रेन इंजरी के दौरान इंट्राक्रेनियल प्रेशर बढ़ जाता है। इस कारण ब्रेन में सूजन और मेन सेल काम नहीं करते क्योंकि वह सेल खराब हो जाते हैं। इसलिए उन्होंने एक हेलमेट बनाया है जिसमें सेंसर लगा है। इसे लो फ्रिकवेंसी 2.5 एमएच पर रखकर सुअर पर ट्रायल किया गया है। ट्रायल में उन्होंने ब्रेन से एक हड्डी निकाली उसकी जगह पर स्टील की बॉल डाली।
उसके ऊपर रोजाना 15 मिनट हेलमेट को पहना कर रखा गया। 21 दिन के बाद ब्रेन की 70% रिकवरी पाई गई। कनाडा से आए सुरेश सी त्यागी ने बताया कि उन्होंने इस बात पर रिसर्च किया है कि सुबह के समय हार्ट अटैक क्यों होता है। उन्होंने बताया कि नॉर्मल व्यक्ति में रात को सोते समय ब्लड प्रेशर 10 से 15 एमएम नीचे जाता है।
यदि किसी व्यक्ति को शुगर, मोटापा, हाइपरटेंशन और बीपी की समस्या है और रात को सोते समय यदि उनका बीपी डाउन नहीं होता तो उनमें सुबह के समय हार्ट अटैक होने की संभावना सबसे ज्यादा है। इससे बचाव के लिए मेलाटोनिन लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि लाल मीट सेहत के लिए ठीक नहीं है।सही डाइट एक्सरसाइज और अच्छी नींद के साथ जांच इसका बचाव है।