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अशोक खेमका के 46वें तबादले के पीछे का सच

Sat, 04 Apr 2015 04:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा भाजपा सरकार का आईएएस अशोक खेमका से मोहभंग हो चुका है। बात अब पहले जैसी नहीं रही। भाजपा के जो नेता विपक्ष में रहते हुए खेमका के उठाए गए मुद्दों पर कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा करते रहे हैं, अब खेमका की उपलब्धियों से कन्नी काट चुके हैं।
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खेमका के ट्रांसफर पर परिवहन मंत्री रामबिलास ने कहा है कि ईमानदार अधिकारियों में सिर्फ अशोक खेमका ही नहीं है। कई अन्य अफसर भी ईमानदार हैं। हालांकि, उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया है कि खेमका ईमानदार हैं। पत्रकारों से बातचीत में रामबिलास शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पहली बार पूर्ण बहुमत से भाजपा सरकार बनी है।

अभी सरकार बने पांच महीने ही हुए हैं। लिहाजा, तबादले तो होंगे ही। खेमका को पुरातत्व विभाग में इसलिए लगाया गया है, क्योंकि वहां ठीक से काम नहीं हो रहा था, लेकिन रामबिलास यह जवाब नहीं दे सके कि खेमका की जरूरत पुरातत्व में थी तो उन्हें वहां से हटाकर परिवहन विभाग में क्यों लगाया गया था।
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'सरकार किसी आईएएस को प्रताड़ित नहीं कर रही'

एक सवाल के जवाब में रामबिलास ने कहा कि सरकार किसी आईएएस को प्रताड़ित नहीं कर रही है। तबादले करना सरकार का अधिकार है और रूटीन के तहत यह किया गया है। पांच माह में सैकड़ों अधिकारियों के तबादले हुए हैं। खेमका अकेले अधिकारी नहीं है।

राबर्ट वाड्रा के मुद्दे पर जांच बिठाने के संदर्भ में शर्मा ने कहा है कि जल्द ही सरकार इस मसले पर अपना नजरिया प्रदेश की जनता के सामने रखेगी। अप्रैल माह के अंत तक सरकार की ओर से कोई न कोई ठोस कार्रवाई इस मसले पर की जाएगी।

हरियाणा में सरकार के गठन के तुरंत बाद रामबिलास शर्मा ने बयान दिया था कि सरकार वाड्रा की जमीनों के मामले में हाईकोर्ट के किसी सिटिंग जज से जांच करवाएगी, लेकिन जांच में हो रही देरी और वाड्रा मामले में अलख जगाने वाले अशोक खेमका को दरकिनार किए जाने के बाद अब विपक्ष ने भी इस बात को मुद्दा बना लिया है।

खेमका के समर्थन में दिखे विज

अनिल विज ने एक बार फिर से खेमका का खुला समर्थन किया है। शुक्रवार को विज ने सोशल मीडिया पर उस समाचार की कटिंग टैग की है, जिसमें वे राजभवन के बाहर धरना दे रहे हैं।

याद रहे कि यह धरना उन्होंने 17 अक्तूबर, 2012 को आईएएस अशोक खेमका के तबादले के विरोध में दिया था। खेमका का तबादला हुड्डा सरकार ने राबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के बीच हुए भूमि सौदे का इंतकाल रद्द करने के बाद किया था।

दुष्यंत ने उठाया सवाल
हिसार से इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि ट्रांसपोर्ट पालिसी बनने न देने के लिए खेमका का तबादला हुआ है। खेमका का तबादला नई परिवहन नीति में चहेतों को फायदा देने के लिए किया गया है। अगर सीएम खेमका के तबादले को रूटीन का बता रहे हैं तो इस मामले में उनका भी हाथ है।
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ये कैसा रुटीन तबादला

हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का पाठ पढ़ाने वाली भाजपा सरकार ने आईएएस अशोक खेमका का तबादला करने के बाद उसे रुटीन तबादला बताया है। लेकिन, इस रुटीन के तबादले ने विपक्ष को मुद्दा दे दिया है और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

प्रदेश सरकार ने एक झटके में परिवहन विभाग में नीचे से लेकर ऊपर तक के सभी अधिकारी बदल दिए हैं। परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव अवतार सिंह के स्थान पर एसएस ढिल्लो को लगाया गया है। सुमिता मिश्रा सीएम सचिवालय में मुख्यमंत्री की अतिरिक्त प्रधान सचिव थीं। वे अन्य विभागों के साथ परिवहन विभाग देख रही थीं, जिनका तबादला भी कर दिया गया।

रुटीन तबादले में पूरी भाजपा एक तरफ है और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज एक तरफ। खेमका ने अपने तबादले के बाद से मौन धारण कर लिया है। आईएएस ने एक -दो ट्वीट करके अपनी भावना इशारों में व्यक्त कर दी है। उधर, सोशल मीडिया में खेमका का स्थानांतरण बहस का मुद्दा बन गया है।

ट्विटर पर किए गए खेमका के पीड़ा से भरे ट्वीट को 3948 लोगों ने फॉलो किया है। बहरहाल, अब इस पूरे प्रकरण में प्रदेश की जनता को अगले ट्वीट का इंतजार है।
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