हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मास्टर हुकुम सिंह की मौत पर सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पीजीआई के इलाज में बेकद्री के कारण उनकी मौत हुई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव आईएएस प्रदीप कासनी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रोहतक विश्वविद्यालय के चिकित्सालय (पीजीआई) में मास्टर जी को ठीक इलाज नहीं मिला। इस रिपोर्ट के बाद रोहतक पीजीआई के अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।
रिपोर्ट के मुताबिक लंबे समय तक हरियाणा की जनता की सेवा करने वाले मास्टर जी की बेकद्री हुई और उनके साथ वहां के स्टाफ ने अच्छा बर्ताव नहीं किया। वे चिकित्सालय में 14 दिन तक रहे और चौदहवें दिन भी पेट दर्द से जूझते रहे। इलाज तो दूर की बात है, स्टाफ ने उन्हें एनीमा तक मुहैया नहीं करवाया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एक बुजुर्ग को जो सम्मान मिलना चाहिए था, वह उन्हें नहीं दिया गया। जब उनके तीमारदारों ने उन्हें गुड़गांव ले जाने के लिए कहा, तो जो एंबुलेंस उन्हें दी गई, उसकी हालत यह थी कि उसका आक्सीजन सिलेंडर तक काम नहीं कर रहा था। एंबुलेंस में डॉक्टर तो दूर की बात है तकनीकी स्टाफ भी पर्याप्त नहीं दिया गया।