एक वृद्ध व्यक्ति ने अपने को बेसहारा बताता रहा । वो प्रशासन ने फ्री में ओल्ड एज होम में रहने की गुहार भी लगाई। लेकिन कोर्ट में उसके बारे में जो खुलासा हुआ उसके बाद सभी चौंक गए।
खुद को बेसहारा बता सरकारी खर्च पर ओल्ड एज होम में सहारा देने की अपील करने वाला 79 वर्षीय सीनियर सिटीजन लाखों का मालिक है। उसका बेटा कनाडा में रहता है। यूटी प्रशासन की ओर से यह जानकारी सीनियर सिटीजन द्वारा दाखिल की गई याचिका के आधार पर दी है। हाईकोर्ट ने यह जानकारी मिलने के बाद याची को आगे रहने के लिए भुगतान करने और अब तक जितने समय रुके, उस लंबित राशि का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
याचिका दाखिल करते हुए पंजाब बिजली विभाग में फोरमैन रहे होशियारपुर के मूल निवासी सीनियर सिटीजन ने कहा था कि सेक्टर 15 के ओल्ड एज होम से उसे सर्दियों से ठीक पहले निकाल दिया गया। अब उसके पास सिर ढकने के लिए कोई ठिकाना नहीं है। ऐसे में यूटी प्रशासन को उसके रहने की उचित व्यवस्था उपलब्ध करवाने के आदेश दिए जाएं।
इसके बाद हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को आदेश दिए थे कि याची को ओल्ड एज होम में सरकारी खर्च पर रखा जाए। इस आदेश के तहत दिसंबर से वह वहीं रह रहा था। इसी बीच यूटी प्रशासन की ओर से याची के बैंक खाते की जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि सिनियर सिटीजन के खाते में 29 लाख रुपये मौजूद हैं और उसे 17 हजार रुपये मासिक पेंशन भी मिलती है। यूटी प्रशासन ने कहा कि इतना सब होने के बावजूद याची सरकारी खर्च पर रहना चाहता है।
गुस्सैल स्वभाव के चलते निकाला गया
साथ ही यह भी बताया गया कि गुस्सैल स्वभाव के कारण याची को सेक्टर 15 के ओल्ड एज होम से निकाला गया था। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए याची को दिसंबर से अब तक ओल्ड एज होम में रहने के लिए तय राशि का भुगतान करने तथा भविष्य में ओल्ड एज होम में रहने के लिए तय फीस का भुगतान करने तथा नियमों के अनुरूप वहां रहने के आदेश दिए हैं।