मोहाली। वर्ष-2018 के एक रिश्वत मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सेशन जज ने मामले में नामजद नर्सिंग काउंसिल की कर्मचारी दर्शी देवी को दोषी करार दिया है। दोषी महिला दर्शी देवी को 30 मार्च को सजा सुनाई जाएगी। वर्ष 2018 को विजिलेेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने बुधवार को नर्सिंग काउंसिल की सीनियर सहायक दर्शी देवी को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह मामला मोहाली अदालत में विचाराधीन था।
बता दें कि मौड़ मंडी स्थित सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग प्रबंधन ने दोषी दर्शी देवी के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज करवाई थी। विजिलेंस ब्यूरों ने ट्रैप लगाकर जाल बिछाया और आरोपी दर्शी देवी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोप था कि सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के चेयरमैन स्वर्ण प्रकाश सिंह ने आरोप लगाया था कि हर साल काउंसिल की टीम निरीक्षण के लिए कॉलेज आती थी, जिसके बाद संबद्धता प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। 2018 के सितंबर माह में उनके संस्थान का निरीक्षण हुआ था, लेकिन इसके बावजूद संबद्धता प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया था। दोषी दर्शी देवी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए उनसे 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रही थी, लेकिन उन्होंने इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो में कर दी थी।