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निगम को हाईकोर्ट का नोटिस, पूछा- क्यों न सेलवेल को ब्लैकलिस्ट करने पर लगा दें रोक

Sat, 26 Nov 2016 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
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सेलवेल मीडिया सर्विसेस को नगर निगम की ओर से दो वर्ष के लिए ब्लैक लिस्ट करने को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निगम को नोटिस जारी किया है। पूछा है कि क्यों न निगम के फैसले पर रोक लगा दी जाए। 
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कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि उन्हें नगर निगम द्वारा 86 पब्लिक टायलेट का टेंडर अलॉट किया गया था, प्रति पब्लिक टायलेट का किराया नगर निगम की ओर से 23 हजार 142 रुपये तय किया गया। कंपनी ने टेंडर को चुनौती देते हुए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। इसके बाद कोर्ट ने 17 नवंबर को नगर निगम को पार्टी बनाया है। इसलिए नगर निगम ने उनकी कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। याची की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने निगम को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

पांच साल पुराना है विवाद
सेलवेल कंपनी को दिए गए पब्लिक टॉयलेट्स का मामला पिछले पांच साल से विवाद में हैं। नगर निगम के अनुसार एक तो कंपनी ने बार-बार नोटिस जारी करने के बाद 10 करोड़ से ज्यादा का विज्ञापन शुल्क जमा नहीं करवाया है, दूसरा जो पब्लिक टायलेट कंपनी ने नगर निगम को वापस दिए हैं तो वह उस स्थिति में नहीं है जिस स्थिति में कंपनी को चलाने के लिए अलाट किए गए थे। नगर निगम के अनुसार साल 2006 से लेकर 2012 तक कंपनी को एक बार 84 और दूसरी बार 46 पब्लिक टॉयलेट चलाने के लिए दिए। हर टॉयलेट ब्लाक के बाहर विज्ञापन लगाने के लिए खाली जगह भी छोड़ी गई थी यह विज्ञापन शुल्क कंपनी को नगर निगम को जमा करवाना था, लेकिन कंपनी से ऐसा नहीं किया। 
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