हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग ने फरवरी के शुरू होते ही सरकारी कॉलेजों की लेटलतीफी को दुरुस्त करने के लिए 132 कॉलेजों से जवाब मांगा था, जिसका जवाब सभी कॉलेजों ने बुधवार को भेज दिया है।
गौरतलब है कि उच्चतर शिक्षा विभाग ने सरकारी कॉलेजों के स्टाफ खासकर शिक्षकों एवं अन्य वर्ग के कर्मचारियों की जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट एमआईएस पोर्टल पर कॉलेज के लिंक की जानकारी उपलब्ध करने के लिए कहा गया था, जिसकी अनदेखी करते हुए 132 कॉलेजों ने अपनी जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं करवाई। जिस पर सख्त कार्रवाई करते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने 132 सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल से लिंक पर सूचना अपडेट नहीं करने पर स्पष्टीकरण मांगा था।
विभाग ने सख्ती से कार्रवाई करते हुए इन प्राचार्यों से जवाब मांगा है। गौरतलब है कि उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से 15 दिन पहले सभी कॉलेजों से पोर्टल के लिए भेजे गए लिंक पर सूचना अपडेट करने के लिए कहा था। लेकिन यह सूचना समय पर इन 132 कॉलेजों ने उपलब्ध नहीं करवाया।
हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग ने सरकारी कॉलेजों से खेल प्रतियोगिताओं की जानकारी मांगी है। इसके लिए कॉलेजों को पूरे साल खेल प्रतियोगिता की एक रिपोर्ट बनानी होगी, जिसमें स्थानीय स्तर से लेकर जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं को भी विस्तार से जानकारी देनी होगी। यह रिपोर्ट विभाग के निदेशक की ओर से मांगी गई है। यह जानकारी एक फार्म के साथ देनी होगी।
4- कॉलेज के फिजिकल एजूकेशन फैकल्टी की जानकारी देनी होगी
सरकारी कॉलेजों में फिजिकल एजुकेशन के कितने फैकल्टी है, यह भी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा कॉलेजों में फिजिकल एजूकेशन विषय है या नहीं है। खेल के लिए कॉलेज परिसर में क्या सुविधा मुहैया है। इस क्षेत्र में कितने एक्सपर्ट है और फिजिकल एजुकेशन के कितने लेक्चरर शामिल है। यह जानकारी भी एक रिपोर्ट में भेजनी होगी।
इसके अलावा खेल प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों की भी जानकारी देनी होगी। उन्होंने जिला, यूनिवर्सिटी, स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर कितनी बार हिस्सा लिया है यह भी बताना होगा। यह रिपोर्ट सभी कॉलेजों को विभाग की वेबसाइट पर देनी होगी। इसके अलावा विभाग को यह रिपोर्ट जल्द से जल्द देनी होगी।
दरअसल उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से सभी सरकारी कॉलेजों में कॉलेज स्तर पर खेल प्रतिभा को मंच देने की तैयारी है, ताकि प्रदेश के विद्यार्थी खेल में अपनी प्रतिभा को इंटरनेशनल स्तर पर दिखा सके। इसके लिए विभाग ने सभी कॉलेजों को खेल के प्रति सभी सुविधाओं की जानकारी मांगी है।