इमीग्रेशन कंपनी के प्रबंधकों व स्टाफ से आहत होकर एक महिला आइलेट्स टीचर ने घर में आत्महत्या कर ली। उसने सुसाइड नोट भी छोड़ा।
टीचर ने खुद को आग लगाकर जान दी। मृतका की पहचान खरड़ निवासी राजिद्र कौर (42) के रूप में हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची। पुलिस को घटना स्थल से एक सुसाइड मिला। जिसमें मृतका ने अपनी मौत को कारण सैक्टर-34 स्थित एक इमिग्रेशन कंपनी के मालिक, स्टाफ को बताया है।
पुलिस ने मामले में कारवाई करते हुए केस दर्ज कर सभी आरोपियों की तालाश शुरू कर दी है। थाना सदर के प्रभारी कुलबीर सिंह ने बताया कि आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपी फरार चल रहे है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
कंपनी ने लाखों हड़पे, लेकिन कई छात्रों को नहीं भेजा बाहर
डीयू के नॉर्थ कैंपस में एबीवीपी का हेल्प डेस्क
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस मुताबिक यह घटना दस अक्तूबर की है। सुसाइड नोट में मृतका ने लिखा था कि चडीगढ सैक्टर-34 स्थित इमिग्रेशन कंपनी का मालिक, उसके स्टाफ के मैंबर व विद्यार्थी उसे महीने से तंग कर रहे थे। क्योकि उनकी कंपनी के साथ उसका एक एग्रीमेंट हुआ था।
कंपनी के अधिकारियों ने राजिद्र कौर से कोंचिग ले रहे स्टूडेंट को वीजा लेने के लिए उनकी कंपनी में भेजने के लिए कहा गया। ताकि उनकी कंपनी का काम बढें। राजिद्र कौर उस कंपनी में अलग अलग देशों मे जाने वाले 10 स्टूडेंट सैक्टर-34 स्थित कंपनी में भेजे। कंपनी ने उन सभी स्टूडेंट से विदेश जाने के लिए पहले पैसे भी ले लिए।
पैसे लेने के बाद भी कपंनी ने सिर्फ 3 स्टूडेंट को विदेश भेजा। 7 स्टूडेंट ने कंपनी को विदेश जाने के लिए पहले ही लाखों रूपये दे दिए थे। जब छात्र बार बार उससे पूछते थे कि वह कब विदेश जाएगे और जब उसने कंपनी के अधिकारियों से इस सबंध में बात की तो उन्होने उसे धमकी देते हुए कहा कि वह उसे झूठे केस में फंसा देंगे।
विदेश न पहुंचने वाले स्टूडेंटस भी करते थे पूछताछ
जालंधर की एलपीयू में दाखिले की जानकारी लेतीं छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
राजिद्र कौर ने सुसाइड नोट में बताया कि कंपनी ने स्टूडेंट से 24 लाख रूपये लिए थे। सभी स्टूडेंट पैसे उससे मांग रहे थे। लेकिन कंपनी वालों ने उसे पैसे देने से इंकार कर दिया। पूरी रकम कपंनी से वसूली जाएं।
कपंनी ने 3 स्टूडेंट से 6.5 लाख व अन्य से साढे 5-5 लाख रूपये विदेश जाने के नाम पर लिए थे। उन सभी स्टूडेंट के पैसे उन्हे वापस दिलवांए जांए। और उसकी मौत के जि मेवार भी कंपनी के यह सभी लोग है इन्हे कडी से कडी सजा दी जाएं।
सुसाइड नोट में मृतका ने बताया है कि वह एक लड़की को आइलेटस की मु$फत ट्रेनिंग दे रही थी। मगर उसके बावजूद उस लडकी का पिता उसे ब्लेकमेलिग करने के मकसद से उसे झूठे केस में फंसाने के नाम पर उसे धमकियां दे रहा था और उससे डेढ लाख रूपये मांग रहा था जबकि उसने उसे सिर्फ 15 हजार रूपये ही देने थे।