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Chandigarh News: चयनित डिग्री और डिप्लोमा धारक 96 एएलएम नियुक्ति के लिए खा रहे धक्के

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अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा नव चयनित 96 डिग्री व डिप्लोमा धारक (इलेक्ट्रिकल) असिस्टेंट लाइनमैन की एक महीने बाद भी उत्तर हरियाणा वितरण बिजली निगम में नियुक्ति नहीं हो पाई है। निगम का कोई भी अधिकारी नियुक्ति को लेकर संतोषजनक जवाब तक देने को तैयार नहीं है। अब यह नव चयनित असिस्टेंट लाइनमैन पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में जाने की तैयारी में है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके पास असिस्टेंट लाइनमैन की शैक्षणिक मैट्रिक पास और आईटीआई 60 प्रतिशत की बजाय हायर क्वालीफिकेशन यानी चार साल की बीटेक व तीन साल का डिप्लोमा 55 प्रतिशत नंबर है। बिजली वितरण निगम मेनेजमेंट व सरकार बीटेक इलेक्ट्रिकल व डिप्लोमा इलेक्ट्रिकल 55 प्रतिशत को मैट्रिक आईटीआई 60 प्रतिशत नंबर के बराबर भी मानने को तैयार नहीं है। वह डिग्री व डिप्लोमा में भी 60 प्रतिशत नंबर की मांग कर रही है।
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उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा ग्रुप सी की भर्तियों के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन किया गया। इसके पश्चात जो विद्यार्थी उस परीक्षा में उत्तीर्ण हुए उनसे विभिन्न पद जिनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार वो योग्य थे, उसमें उनकी पद प्राथमिकता मांगी गई। उसके पश्चात ग्रुप 22 में कैटेगरी नंबर 195 साहयक लाइनमैन के पद के लिए उनका एडमिट कार्ड निकाला गया। अधिसूचना में इसकी शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक और इलेक्ट्रिकल आईटीआई 60 प्रतिशत मार्क्स रखी गई थी। विज्ञापन में हायर एजुकेशन यानी डिग्री और डिप्लोमा के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया था। जिन विद्यार्थियों ने डिग्री या डिप्लोमा इलेक्ट्रिकल में कर रखा था, उनका भी एडमिट कार्ड हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा जारी किया गया। परीक्षा के बाद 8 फरवरी को जारी परिणाम में करीब साढ़े पांच हजार सब स्टेशन अटेंडेंट्स व असिस्टेंट लाइन का चयन किया गया। जब अभ्यर्थी यूएचबीवीएन के हेड क्वार्टर पंचकूला में अपने कागजात लेकर पहुंचे तो वहां डिप्लोमा व डिग्री में 60 प्रतिशत से कम अंक वाले नवचयनित असिस्टेंट लाइनमैन को ज्वाइन नहीं करवाया गया। जबकि विज्ञापन में कही भी ऐसा नही दर्शाया या बताया गया था और यूएचबीवीएन द्वारा उनको अयोग्य घोषित कर दिया गया। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से मामले में संज्ञान लेने की अपील की है।
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