फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: सुप्रीम कोर्ट का रुख देख भाजपा ने बनाया प्लान बी, अब नेहा पर खेल सकती है दांव

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। मेयर चुनाव के बाद धांधली का आरोप लगाकर आम आदमी पार्टी सड़क और निगम के बाहर प्रदर्शन करती रही और भाजपा ने प्लान-बी तैयार कर लिया। सुप्रीम कोर्ट से अगली सुनवाई के लिए मिला 13 दिन बाद का समय भी भाजपा के लिए संजीवनी साबित हुआ। इस अंतराल में भाजपा ने आम आदमी पार्टी के तीन पार्षदों को तोड़कर बड़ा उलटफेर कर दिया। इससे आप के कार्यकर्ता और नेता भी सकते में हैं। अब यह भी तय हो गया है कि मेयर चुनाव दोबारा होंगे। ऐसे में भाजपा आप से आईं वार्ड नंबर-19 की पार्षद नेहा को मेयर पद का उम्मीदवार बनाकर एक और दांव खेल सकती है। यही नहीं पाला बदलने वालीं वार्ड नंबर-16 की पार्षद पूनम को भी भाजपा कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि जोड़-तोड़ की राजनीति अभी खत्म नहीं हुई है। आम आदमी पार्टी का एक और पार्षद पाला बदल सकता है।
विज्ञापन

मेयर चुनाव विवाद के बाद आम आदमी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत प्रदर्शन में लगा दी थी। दूसरी तरफ, भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख देखते ही प्लान-बी पर काम शुरू कर दिया। पार्टी ने कुछ वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी कि वह आम आदमी पार्टी के उन पार्षदों की पहचान करें जो किन्हीं कारणों से नाराज चल रहे हैं। इसके बाद से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने विपक्षी पार्षदों के साथ संपर्क साधना शुरू कर दिया था।
ऐसा नहीं है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को इसकी भनक नहीं थी लेकिन समय रहते उन्होंने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसका खामियाजा अब भुगतना पड़ा है। तीन पार्षदों के जाने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 30 जनवरी को सारा विवाद मेयर चुनाव की वजह से हुआ था इसलिए पार्टी हाईकमान के कहने पर नवनिर्वाचित मेयर मनोज सोनकर ने रविवार शाम को इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा मेयर चुनाव विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का रुख देखते हुए भी भाजपा यह मान कर चल रही थी कि दोबारा से चुनाव हो सकते हैं इसलिए भाजपा ने पहले ही आप के पार्षदों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी।
विज्ञापन


अरुण सूद पार्षदों को लेकर गए दिल्ली
पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने ज्वाइन कराने के बाद कहा कि तीनों पार्षदों को भाजपा में पूर्ण मान सम्मान मिलेगा और इन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी। तीनों पार्षदों को शामिल करने के पीछे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद का बड़ा हाथ बताया जा रहा है। वह भी इन पार्षदों के साथ दिल्ली में मौजूद रहे। उन्होंने सबसे पहले पूनम को भाजपा के लिए मनाया और उसके बाद नेहा को। पार्षद गुरचरणजीत सिंह काला तो कुछ दिन पहले ही भाजपा के नेताओं के साथ नजर आ गए थे। सूत्रों का कहना है कि आप का एक और पार्षद भाजपा के संपर्क में हैं। हालांकि अभी पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं। उस पार्षद के साथ भाजपा की बातचीत चल रही है। वो पार्षद भी आप से नाराज बताए जा रहे हैं।

अब अकाली दल के हरदीप बनेंगे किंग मेकर
आम आदमी पार्टी के तीन पार्षदों के भाजपा में जाने के बाद अब भाजपा के पास कुल 17 पार्षद हो गए हैं। मेयर चुनाव में एक वोट सांसद का भी होता है। ऐसे में सांसद किरण खेर का वोट मिलाकर भाजपा के पास कुल 18 वोट हो गए हैं। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस फिर से गठबंधन करती है तो गठबंधन के पास इस बार 17 वोट होंगे, जिसमें से 10 वोट आम आदमी पार्टी के और 7 वोट कांग्रेस के होंगे। शहर में अकाली दल के एक पार्षद हरदीप सिंह भी है। ऐसे में हरदीप किंग मेकर बनेंगे। हरदीप ने अगर भाजपा को वोट दिया तो भाजपा पूर्ण बहुमत से अपना मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर बना सकती है लेकिन अगर हरदीप ने गठबंधन को वोट दिया तो चुनाव बराबर हो जाएगा। हालांकि ऐसा होगा नहीं क्योंकि 30 जनवरी को भी हरदीप सिंह ने भाजपा को वोट दिया था। अगर दोबारा मेयर चुनाव होता है और हरदीप चुनाव में हिस्सा ही नहीं लेते, तब भी भाजपा का मेयर बनना तय है।

कार्यकारिणी का गठन पर उथल-पुथल की थी आशंका, पार्षदों ने पहले ही दे दिया झटका
जनवरी 2023 में आम आदमी पार्टी ने प्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। वर्तमान में पार्टी का न कोई प्रदेश अध्यक्ष है, न ही कोई महासचिव, न किसी अन्य पद पर कोई पदाधिकारी। अक्टूबर से पार्टी कार्यकारिणी बनाने पर काम कर रही है। अधिकतर पदों पर नाम तय हो गए हैं लेकिन प्रदेश अध्यक्ष पर पेच फंसा हुआ है। पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियों को लग रहा है कि कार्यकारिणी की घोषणा के बाद पार्टी में उथल-पुथल हो सकती है। मनचाहा पद न मिलने से कुछ लोग नाराज हो सकते हैं। पार्टी भी छोड़ सकते हैं इसलिए कार्यकारिणी की घोषणा में देरी की जा रही थी लेकिन इधर तीन पार्षदों ने पहले ही झटका दे दिया। ऐसे में अब आम आदमी पार्टी के पास दोहरी चुनौती हो गई है। कार्यकारिणी के बाद भी कोई पार्षद टूटा तो पार्टी के लिए बड़ी समस्या हो सकती है।

भाजपा में शामिल तीनों पार्षद क्या बोले

मैं कभी आप का था ही नहीं
पार्षद गुरचरणजीत सिंह काला ने भाजपा ज्वाइन करने के बाद कहा कि वह कभी आम आदमी पार्टी के थे ही नहीं। कुछ दिनों के लिए गुमराह हो गए थे, जिसकी वजह से आम आदमी पार्टी में चले गए। वहां जाते ही उनके फोन बंद कर दिए गए थे लेकिन अब भाजपा में है। डेढ़ साल पहले ही वह भाजपा में आ गए थे और अब आगे भी भाजपा में ही रहेंगे।

पति को गलत फंसाया
पार्षद पूनम ने कहा कि वह केंद्र सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुईं हैं। आप ने उन्हें मेयर का उम्मीदवार बनाने का वादा किया था। उनके पति समाजसेवक हैं और लोगों के साथ अच्छे संबंध थे। आम आदमी पार्टी ने उनके पति को गलत फंसाया। अब उनके पति जेल में हैं। पूनम ने कहा कि आम आदमी पार्टी एक झूठी पार्टी इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़ दी है।

मेयर बनाने का वादा कर मुकर गए थे, इसलिए छोड़ी पार्टी
पार्षद नेहा ने कहा कि वह सभी पार्षदों में काफी पढ़ी लिखी थीं। उन्हें वादा किया गया था कि मेयर का उम्मीदवार बनाया जाएगा लेकिन अंत में किसी और को मेयर का उम्मीदवार बना दिया गया। उनके साथ झूठा वादा किया गया थी इसलिए पार्टी छोड़ी। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जो गरीबों के लिए कार्य किए गए हैं। उससे भी वह काफी प्रभावित हैं।

- वर्जन -

भाजपा ने पार्षदों को डराया-धमकाया
भाजपा ने गुंडागर्दी करके और तीनों पार्षदों को डरा धमका कर पार्टी में शामिल कराया है। भाजपा के नेता जबरन हमारे पार्षदों को चंडीगढ़ से ले गए। आम आदमी पार्टी को 30 जनवरी को ही मेयर चुनाव जीत चुकी थी। हमारी पूरी नजर सोमवार को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है।
- डॉ. एसएस अहलूवालिया, सह-प्रभारी, आप

मोदी की गारंटी पर सभी को भरोसा
केंद्र सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर तीनों पार्षदों ने भाजपा ज्वाइन की है। मोदी की गारंटी पर सभी को भरोसा है इसलिए दूसरी पार्टियों से लोग आकर भाजपा ज्वाइन कर रहे हैं। हम तीनों पार्षदों का स्वागत करते हैं। उम्मीद है उनके आने से पार्टी मजबूत होगी।
विज्ञापन

- जेपी मल्होत्रा, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें