चंडीगढ़। स्वास्थ्य व्यवस्था के पुनर्गठन के तहत सेक्टर-48 के अस्पताल को जल्द ही जीएमएसएच-16 को हैंडओवर किए जाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसी प्रक्रिया के चलते फरवरी माह में जीएमसीएच-32 से मरीज को सेक्टर-48 अस्पताल में रेफर करना लगभग बंद कर दिया गया है और वहां नई भर्ती धीरे-धीरे बंद की जा रही है। फिलहाल वहां किमोथेरेपी के मरीजों के लिए डे केयर की सुविधा चल रही है और मनोचिकित्सा विभाग में कुछ मरीज भर्ती हैं। शुक्रवार को जीएमएसएच-16 की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान बंद कमरों को सुरक्षाकर्मियों से खुलवाकर तस्वीरें भी ली गईं। वहीं उच्च प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार पिछली एडवाइजरी काउंसिल बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है और औपचारिक हैंडओवर की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
उद्घाटन के बाद से जीएमसीएच-32 के चार विभागों का इनडोर सेक्टर-48 अस्पताल में संचालित हो रहा था, लेकिन अब पल्मोनरी और स्किन वार्ड को बंद कर दिया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग जगह की कमी के कारण जिन योजनाओं को ठीक से संचालित नहीं कर पा रहा है उन्हें सेक्टर-48 अस्पताल में शिफ्ट करने की तैयारी में है, जिसमें टीबी वार्ड प्राथमिकता पर है। जीएमसीएच-32 के तहत संचालित सेक्टर-48 दक्षिण कैंपस अस्पताल शहर के दक्षिणी हिस्सों और आसपास के इलाकों के लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी स्वास्थ्य केंद्र रहा है। यह अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के पास स्टाफ की कमी के कारण शैक्षिक अस्पताल के तौर पर जीएमसीएच-32 को सौंपा गया था और यहां त्वचा विज्ञान, मनोचिकित्सा, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी तथा टीबी एवं श्वसन रोग विभाग चलते रहे हैं। जनवरी-दिसंबर 2022 में कोविड-19 महामारी के दौरान यह कोविड अस्पताल के रूप में भी भूमिका निभा चुका है।