कैंसर पीड़ितों को सड़क हादसे में मृत दिखाकर करोड़ों रुपये ऐंठने के मामले में एसटीएफ की जांच में कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। हरियाणा और दिल्ली के बाद अब खुलासा हुआ है कि गिरोह वेस्ट यूपी के कैंसर पीड़ितों के परिजनों को भी झांसे में लेने का प्रयास कर रहा था। इसके लिए वेस्ट यूपी के विभिन्न जिलों के कैंसर पीड़ितों का ब्योरा भी तैयार कराया जा रहा था।
पुलिस ने फरार चल रहे गुर्गों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी। गिरोह के सरगना पवन, बरौटा पुलिस चौकी पर तैनात हवलदार अशोक को एसटीएफ ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। हालांकि, रिमांड पूरा होने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया था। एसटीएफ मामले की जांच में जुटी है।
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया है हरियाणा और दिल्ली के अलावा गिरोह के सदस्य वेस्ट यूपी के शामली, मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, बागपत, सहारनपुर, हापुड़, मुरादाबाद के कैंसर पीड़ितों का ब्योरा भी तैयार कर रहे थे। कुछ के परिजनों को भी झांसे में लिया था। हालांकि, किसी से अभी रुपये ऐंठने की बात सामने नहीं आई है। गिरोह में हिसार और रोहतक के ही दो प्रॉपर्टी डीलर के नाम सामने आए हैं। जो लोगों को अपने झांसे में लेते थे।