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फरमान: प्राइवेट स्कूल नहीं लगा पाएंगे निजी पब्लिशर्स की किताबें

Fri, 06 May 2016 10:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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स्कूल में बच्चे - फोटो : demo pics
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शहर के सभी प्राइवेट स्कूलों में अगले सत्र से निजी पब्लिशर्स की किताबें मनमाने ढंग से सिलेबस में शामिल करने पर रोक लगा दी है। प्राइवेट स्कूल कैंपस में बुकशॉप भी बंद कर दी गई हैं। शिक्षा विभाग ने अब प्राइवेट स्कूलों की फीस पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस मामले में राज्यपाल को नई पॉलिसी को मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है। उधर, शिक्षा विभाग ने अगले सत्र से पहले ही प्राइवेट स्कूलों के फीस स्ट्रक्चर को स्टडी करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
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सूत्रों के अनुसार इस संबंध में वीरवार को भी शिक्षा अधिकारियों और एडवाइजर के बीच मंथन हुआ। जानकारी अनुसार जल्द ही शिक्षा विभाग अपने स्तर पर सभी प्राइवेट स्कूलों का फीस स्ट्रक्चर एकत्र करेगा। प्राइवेट स्कूलों से पिछले 3 से 5 साल के फीस स्ट्रक्चर की जानकारी मांगी जाएगी। डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन पूरे मामले को लेकर जल्द कमेटी गठित करेंगे। गौरतलब है कि शहर के प्राइवेट स्कूलों मे 50 हजार से दो लाख तक एक क्लास की एडमिशन और ट्यूशन फीस वसूली जा रही है। प्राइवेट स्कूल मनमाने ढंग से फंड का चार्ज अभिभावकों से लेते हैं। 

5 दिन में 75 शिकायतें, अधिकारी की पत्नी ने भी भेजी 
प्राइवेट स्कूलों द्वारा निजी पब्लिशर्स की किताबें और स्कूल कैंपस में किताबें और ड्रेस बेचने के मामले में शिक्षा विभाग के पास शिकायतों का दौर जारी है। जानकारी अनुसार शिक्षा विभाग के पास 1 मई के बाद करीब 75 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। ये शिकायतें शहर के प्रतिष्ठित स्कूलों के खिलाफ आई हैं। सूत्रों के अनुसार यूटी प्रशासन के उच्च अधिकारी की पत्नी ने भी सेक्टर-26 स्थित एक प्राइवेट स्कूल द्वारा किताबों की खरीदारी में मनमानी को लेकर डीपीआई को ईमेल से शिकायत भेजी है।  इस मामले में डीएसई का कहना है कि सभी शिकायतों पर एक साथ विचार किया जाएगा। 13 मई तक सभी शिकायतों की रिपोर्ट जांच कमेटी के पास भेजा जाएगा।
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10 डिफॉल्टर स्कूलों ने भी दिया जवाब 
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन के निर्देश पर शहर के 73 प्राइवेट स्कूलों को विभिन्न जानकारी देने के लिए नोटिस भेजा था। लेकिन 10 प्राइवेट स्कूलों ने अतिरिक्त समय देने पर भी जवाब नहीं दिया। इन स्कूलों को जब शोकॉज नोटिस जारी किया गया तो सभी ने जिला शिक्षा अधिकारी के पास जानकारी भेज दी। उधर, आधी अधूरी जानकारी देने वाले स्कूलों को फिर से नोटिस भेजने की तैयारी है। 

रूबिंदरजीत सिंह बराड़ , डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ ने बताया कि विभाग सभी शिकायतों की रिपोर्ट एक साथ तैयार करेगा। 13 मई तक जांच कमेटी को समय दिया गया है। अभिभावक अभी भी स्कूलों के खिलाफ अपनी शिकायत दे सकते हैं। यूटी प्रशासन प्राइवेट स्कूलों से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों को लेकर गंभीरता से काम कर रहा है। जल्द ही इसके रिजल्ट देखने को मिलेंगे।
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