चंडीगढ़। डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत मामले में सेक्टर-27 स्थित सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के वैज्ञानिक दिनेश तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका को सीबीआई अदालत ने मंजूर कर लिया है। दरअसल, अक्टूबर 2013 ने गुरुग्राम के एक प्राइवेट बॉटलिंग प्लांट की एनओसी की एक फाइल सेक्टर-27 स्थित सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड को भेजी गई थी।
इस फाइल को हाइड्रोलॉजिस्ट संजय पांडे ने क्लीयर करना था। आरोप के मुताबिक फाइल को क्लीयर करवाने के लिए कंपनी के डायरेक्टर स्वराज कंडोई की इमटेक के साइंटिस्ट चंद्र प्रकाश मिड्ढा के जरिए संजय पांडे के साथ दो लाख रुपये में बात हुई थी। स्वराज कंडोई ने रिश्वत के डेढ़ लाख रुपये अपने एक कर्मचारी दिनेश कुमार के हाथ चंडीगढ़ भेजे। रिश्वत की रकम चंद्र प्रकाश मिड्डा के घर पर पहुंचाने की बात हुई थी। इस दौरान मिड्डा और दिनेश को सीबीआई ने रंगेहाथ पकड़ लिया था। इस केस में सेक्टर-5 स्थित सेंट्रल ग्राउंड वाटर के दो वैज्ञानिकों के नाम बाद में जोड़े गए थे।