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स्कूल हादसा : अटेंडेंट शीला बयान देने की हालत में नहीं, इसलिए अब तक जांच अधूरी

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चंडीगढ़। सेक्टर-9 स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में पेड़ गिरने की घटना को डेढ़ महीने बीत चुके हैं। हादसे के कारण और जिम्मेदारी तय करने के लिए जस्टिस जितेंद्र चौहान (रिटायर्ड) को जांच सौंपी गई है। वीरवार को उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की। बताया गया कि जांच अब तक इसलिए पूरी नहीं हो पाई है क्योंकि हादसे की चश्मदीद स्कूल की अटेंडेंट शीला अभी तक बयान देने की हालत में नहीं है। उनके बयान के बाद ही असली मायनों में जांच पूरी हो पाएगी।
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जस्टिस जितेंद्र चौहान (रिटायर्ड) शीला के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनसे बात करके वास्तविकता का पता लगाया जा सके। इस बीच उन्होंने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की इमारत में हेरिटेज पेड़ों की स्थिति पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई। हेरिटेज पेड़ों के रखरखाव के लिए प्रोटोकॉल पर चर्चा की गई ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो। बैठक में वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसके अलावा जस्टिस जितेंद्र चौहान (रिटायर्ड) ने शहर के कई हेरिटेज पेड़ों को भी दौरा किया। उनके साथ डॉ. आर एजूमलाई के नेतृत्व में वन अनुसंधान संस्थान देहरादून की एक टीम भी मौजूद थी जो चंडीगढ़ के हेरिटेज पेड़ों में खोखलेपन का आकलन करने के लिए अल्ट्रासोनिक अध्ययन कर रही है। इसका मकसद पेड़ों के अंदर खोखलेपन का पता लगाना है ताकि समय रहते उसे ठीक किया जा सके। इस दौरान उप वन संरक्षक डॉ. अब्दुल कयूम भी उपस्थित रहे। बता दें कि प्रशासन ने 13 जुलाई को पेड़ गिरने के हादसे की जांच जस्टिस जितेंद्र चौहान (रिटायर्ड) को सौंपी गई है। वह जांच कर रहे हैं कि किसकी गलती की वजह से यह हादसा हुआ। बीते दिनों वह घटनास्थल पर भी गए थे और स्कूल स्टाफ के साथ बातचीत की थी।
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