चंडीगढ़। नगर निगम चुनाव की आहट के बीच शहर की लंबित योजनाओं और नीतिगत फैसलों पर समय रहते निर्णय नहीं हुआ तो लोगों को इनके लिए जनवरी 2027 तक इंतजार करना पड़ सकता है।
दिसंबर में प्रस्तावित निगम चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होने पर नई परियोजनाओं की मंजूरी और नीतिगत फैसलों की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। नीड बेस्ड चेंज, मालिकाना हक और मास्टर प्लान-2031 जैसे मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। वहीं, सेक्टर-56 की बल्क मटीरियल मार्केट, आईटी पार्क की आवासीय योजना व पीयू-पीजीआई अंडरपास जैसी परियोजनाओं की प्रगति भी अलग-अलग मंजूरियों और प्रक्रियाओं पर निर्भर है।
प्रशासन के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद के अनुसार, जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य जारी है और जिनका बजट मंजूर हो चुका है, वे चलते रहेंगे। आचार संहिता के दौरान नई परियोजनाओं को मंजूरी देने पर कुछ समय के लिए रोक रहेगी। प्रशासन अहम परियोजनाओं को आचार संहिता लागू होने से पहले पूरा करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में असर मुख्य रूप से उन प्रस्तावों पर पड़ सकता है, जिन पर अभी निर्णय, मंजूरी या कार्य आवंटन बाकी है।