हरियाणा के हर थाने में अब एक अनुसूचित जाति से संबंधित सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) तैनात होगा। प्रदेश में
दलित उत्पीड़न बढ़ने के आरोपों को कुंद करने के लिए मुख्यमंत्री हुड्डा ने यह फैसला किया है।
अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ करने की घोषणा मुख्यमंत्री ने गोहाना रैली में की थी।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक एसएन वशिष्ठ ने अमर उजाला से बातचीत में अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के काम करने की
जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक या अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर का अधिकारी अनुसूचित प्रकोष्ठ का मुखिया होगा।
जिला स्तर पर अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ का मुखिया डीएसपी स्तर का अधिकारी होगा। पुलिस थानों में उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) अनुसूचित प्रकोष्ठ का इंचार्ज होगा।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति से संबंधित व्यक्ति जब कोई शिकायत लेकर थाने पहुंचेगा तो अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ से संपर्क करेगा।
प्रकोष्ठ अगर शिकायत की प्रारंभिक जांच दर्ज करने की जरूरत समझेगा तो जांच करेगा। अगर एफआईआर दर्ज करने की जरूरत समझेगा तो थाने में एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी।
जिला स्तर पर डीएसपी के नेतृत्व वाला प्रकोष्ठ जिले के थानों में आने वाली अनुसूचित जाति के लोगों की शिकायतों और एफआईआर मामलों की समीक्षा करेंगे। इसी तरह राज्य स्तरीय प्रकोष्ठ सारे थानों में दर्ज अनुसूचित जाति से संबंधित शिकायतों, मामलों की समीक्षा करेगा।
डीजीपी एसएन वशिष्ठ खुद भी हर महीने इन मामलों की समीक्षा करते हैं। अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ खोलने से दलितों में विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति से संबंधित मामलों में एक महीने के भीतर अदालत में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जाती है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हर थाने में अनुसूचित जाति से संबंधित एक गैर राजपत्रित अधिकारी (एएसआई) भी तैनात किया जाएगा।