पांच लाख की रिश्वत मांगने के मामले में फंसीं थीं जसविंदर कौर
जुलाई 2020 में सीबीआई ने महिला इंस्पेक्टर जसविंदर कौर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। वह उस समय मनीमाजरा थाने की प्रभारी थीं। जसविंदर कौर समेत उसके नजदीकी भगवान सिंह पर मामला दर्ज हुआ था। मामले में मनीमाजरा निवासी गुरदीप सिंह शिकायतकर्ता थे।
26 जून 2020 को उन्होंने सीबीआई को दी शिकायत में कहा था कि जसविंदर कौर एक मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने और मामले को बंद करने की एवज में पांच लाख रुपये रिश्वत की मांग रहीं हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जसविंदर कौर ने उनसे कहा था कि अगर उन्होंने रकम नहीं दी तो वह उन्हें झूठे मामले में फंसा देंगी। शिकायतकर्ता पर आरोप था कि उन्होंने एक व्यक्ति की पत्नी को नौकरी लगवाने के नाम पर 28 लाख रुपये लिए थे। उसी शिकायत में डराकर रिश्वत मांगी जा रही थी। मामले में सह आरोपी को एक लाख रुपये रिश्वत लेते सीबीआई ने दबोचा था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि वह पहले ही दो लाख 17 जून को दे चुका है।
दस हजार की रिश्वतखोरी में हुई थी एसआई सर्बजीत की गिरफ्तारी
17 सितंबर 2021 को चंडीगढ़ पुलिस की महिला एसआई सर्बजीत कौर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सीबीआई ने पकड़ा था। तब वह सेक्टर-34 थाने में तैनात थीं। मामले में कजेहड़ी का व्यक्ति शिकायतकर्ता था। दुष्कर्म के एक मामले में राहत देने की एवज में एसआई पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। शिकायतकर्ता का कहना था कि वह पहले ही एसआई को 50 हजार रुपये दे चुका था और बाकी रकम किस्तों में देनी थी। हालांकि वह सीबीआई के पास पहुंच गया और ट्रैप लगा सीबीआई ने एसआई सर्बजीत कौर को दबोचा था। वह संबंधित दुष्कर्म मामले की जांच कर रहीं थीं। इस मामले में सीबीआई अदालत में मामला चल रहा है। लंबे समय से एसआई सर्बजीत कौर निलंबित थीं।
सीबीआई ने एएसआई हरभजन को रंगेहाथ दबोचा था
एएसआई हरभजन लाल को भी सीबीआई ने रिश्वत मामले में 16 फरवरी 2021 में गिरफ्तार किया था। हरभजन पर आरोप था कि उसने वायुसेना के कर्मी धर्मपाल से रिश्वत मांगी थी। लालड़ू निवासी शिकायतकर्ता का कहना था कि किसी झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगी गई थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि उसने अपने बेटे की शादी के लिए एक सेक्टर-32 की एक वित्तीय कंपनी से मई 2018 में 3.2 लाख रुपये का ऋण लिया था। अक्तूबर 2020 तक शिकायतकर्ता किस्तें भरता रहा, मगर कंपनी द्वारा उसे कोई रसीद न देने पर उसने आगे रकम देनी बंद कर दी थी। इसके बाद कंपनी ने पुलिस को शिकायत दे दी, जिसके बाद आरोपी एएसआई शिकायतकर्ता को डराकर उसके खिलाफ केस दर्ज न करने की एवज में दस हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था। इसकी शिकायत सीबीआई को दी गई और सेक्टर 32 के निर्माण सिनेमा के पास से आरोपी एएसआई को रंगेहाथ पकड़ा गया था।