चंडीगढ़। करवाचौथ पर हाथों में पिया के नाम की मेहंदी, सोलह शृंगार कर अखंड सौभाग्य की कामना के साथ सुहागिनों ने निर्जला व्रत रखा। चलनी की ओट से चंद्रमा और पिया का दीदार कर व्रत तोड़ा। पति के हाथों से जल पीकर व्रत का पारण किया। इससे पहले मंदिरों में पूजा अर्चना कर अटल सुहाग का वरदान मांगा। नए परिधानों में सजी-धजी महिलाओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ पर्व मनाया।
दोपहर बाद तीन बजे से ही महिलाएं मंदिरों में पहुंचना शुरू हो गई थीं। पूजा के उपरांत पुजारियों ने व्रती महिलाओं को करवा चौथ की कथा सुनाई। सर्व सुहागन करवड़ा... गीत गाती हुई महिलाओं ने थालियां घुमाईं।
सेक्टर-18 स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में पंडित बृज किशोर पांडेय, डॉ. लाल बहादुर दुबे, अशोक शास्त्री ने व्रतियों को करवा की कथा सुनाई। डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि मंदिर में आई सभी सुहागिनों को मंदिर कमेटी की ओर से चुनरी और सुहाग का सामान प्रदान किया गया। सेक्टर-30 स्थित शिव शक्ति मंदिर के पुजारी पंडित श्याम सुंदर शास्त्री व अन्य पुजारियों ने सुहागिन महिलाओं को करवा की कथा सुनाई।
सेक्टर-40 स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर, लाल द्वारा मंदिर, सेक्टर-20 स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, गुग्गामाड़ी श्री हनुमान मंदिर, सेक्टर-38 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-37 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-24 स्थित शिवालय खेमपुरी में बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा के लिए पहुंचीं। शहर के सभी मंदिरों में सामने कारों का काफिला रहा।
सुखना लेक पर उमड़ी भीड़
मंदिरों में पूजा के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं सुखना लेक पर पहुंचीं। लेक पर भीड़ को देखते हुए काफी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। चंद्रमा के उदय होते ही छलनी से महिलाओं ने चांद का दीदार किया। उसके बाद अपने पति को दीदार करने के बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत पूर्ण किया। इस दौरान महिलाओं ने लेक पर सेल्फी लेना नहीं भूली।