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जानिए, किसके कहने पर रामपाल ने किया सरेंडर

Thu, 27 Nov 2014 10:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सतलोक के संत रामपाल को सरेंडर करने के लिए मनाने में एक जाट नेता ने बेहद अहम भूमिका निभाई थी। ये जाट नेता कोई और नहीं बल्कि टोहाना के विधायक बराला है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। इसी जाट नेता ने संत रामपाल को सरेंडर करने के लिए राजी किया था।
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इन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता और ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खास है। अब इन्हें हरियाणा भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है। इसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अहम भूमिका रही है। पहली बार प्रदेश में किसी जाट को भाजपा ने यह जिम्मेदारी सौंपी है।

पार्टी ने बराला को अध्यक्ष बनाकर प्रदेश के जाट समुदाय को खुश करने का प्रयास भी किया है। बराला जाट हैं और पार्टी से पिछले कई वर्षों से जुड़े हैं। बराला इस समय प्रदेश कार्यकारिणी के महासचिव के पद पर तैनात थे, जबकि वे प्रदेश युवा मोर्चा और प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
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मुख्यमंत्री ने सौंपी थी विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी

बराला पहली बार जिला फतेहाबाद के टोहाना जिले से इस बार चुनाव जीते थे। मुख्यमंत्री ने विवाद के कारण पैदा हुई स्थिति पर काबू पाने के लिए बराला को ही जिम्मेवारी सौंपी थी। इस भूमिका ने उनकी अध्यक्ष पद पर दावेदारी और मजबूत कर दी। बराला ने ही संत रामपाल को सरेंडर करने के लिए राजी किया था।

मालूम हो अब तक रामबिलास शर्मा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे, लेकिन शिक्षा मंत्री बनने के कारण उनका पद से हटना तय था। ऐसे में सरकार बनने के एक महीने बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सुभाष बराला के नाम पर बुधवार को अंतिम मुहर लगाई। बराला के पिता भी भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे हैं। बराला को अध्यक्ष बनाने के लिए संघ ने भी अपनी राय दी थी।
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